दारु किंग विजय माल्या ने भी दामिनी के मरने पे दुःख व्यक्त किया है और न्याय की मांग की है, हद ये है कि वो 6 के 6 दरिन्दे विजय माल्या की दारु पी के टुन्न थे।
उठो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब केशव ना आयंगे !!
छोडो मेहँदी खड्ग संभालो, खुद ही अपना चीर बचा लो !
द्यूत बिछाये बैठे शकुनि, हर तरफ तुम्हे मिल जायेंगे !!
उठो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब केशव ना आयंगे !
कब तक आस लगाओगी, तुम बिक़े हुए सरकारों से,
बहुत हो गया, निकल चलो अब, इन दुशासन दरबारों से !!
स्वयं जो लज्जा हीन पड़े हैं, वे क्या लाज बचायेंगे !
उठो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब केशव ना आयंगे !!
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छोडो मेहँदी खड्ग संभालो, खुद ही अपना चीर बचा लो !
द्यूत बिछाये बैठे शकुनि, हर तरफ तुम्हे मिल जायेंगे !!
उठो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब केशव ना आयंगे !
कब तक आस लगाओगी, तुम बिक़े हुए सरकारों से,
बहुत हो गया, निकल चलो अब, इन दुशासन दरबारों से !!
स्वयं जो लज्जा हीन पड़े हैं, वे क्या लाज बचायेंगे !
उठो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब केशव ना आयंगे !!
संस्कार और मूल्य बहुत अमूल्य होते हैं, माता पिता पर बहुत कुछ निर्भर करता है। आज के समय में माँ बाप बहुत हद तक बच्चों को बिगाड़ रहे हैं, लाढ प्यार ओर दिखावे के चक्कर में बच्चों को पहले तो सपोर्ट किया जाता है फिर धीरे धीरे बात हाथ से निकल जाती है।
2014 के लिए कांग्रेस के दो हथियार तैयार हैं एक केजरीवाल और दूसरा Direct Cash Transfer Scheme. 2013 में इन पर और काम किया जायेगा, सभी लोग खुद संभलें और दूसरों को इसमें न फसने दें नहीं तो एक बार फिर कांग्रेस आने वाली है।
स्कूल में एक किताब चला करती थी "नैतिक शिक्षा" अब वो किताब भी गायब है ओर शिक्षा भी।
क्या लोग अगले चुनावो मे फिर भूल जायेंगे और दुबारा कान्ग्रेस को वोट देंगे?