Friday, July 13, 2012

गोहाटी में हुई शर्मनाक घटना पर जनता का गुस्सा फेसबुक चीर फाड़ के निकला है, बीच चोराहे पर कुत्ते की मौत का सुझाव है. सही भी है, अगर सजा नहीं होगी तो ये सब हमेशा होता रहेगा.

Neeraj Pratap Yadav
संस्‍कृति के लिए मशहूर जहाँ जन संस्‍कृति मंच के उपाध्‍यक्ष रहे हैं स्‍वर्गीय लोकगायक भूपेन हजारिका और मातृसत्‍तात्‍मक सामाजिक व्‍यवस्‍था के लिए जाने वाले असम राज्य में हुए शर्मनाक कृत्य पर कड़ा रुख अपनाना ही पड़ेगा. लोगों के अनुसार बीच चोराहे पर लटका कर मारो, पूरे परिवार का वहिष्कार करो, दोनों हाथ काट दो... बगैरह बगैरह ये सब इन लोगों के साथ करना चाहिए. सही भी है ऐसी सजा नहीं होगी तो बात कैसे बनेगी. पर बात ये है की  अपना कानून ऐसा नहीं है जिसमे अपराध होने के बाद सजा हो सके, दबाई ये बात भी जाएगी. मुद्दा ये है कि इंसान इतना गिर क्यों गया, क्यों लोग ऐसी नीच हरकत कर रहे हैं, ऐसा क्या किया है पिछले साथ सालों में हमारी सरकारों ने जो इंसान का नैतिक पतन हो गया. मोटी मोटी एक बात समझ आती है..... शराब शबाब कबाब को बढाया गया है और सदाचार नैतिकता को गिराया गया है वर्ना भारत के लोग इतना गिरे हुए कभी नहीं थे.


Syed Faizur Rahman
Guwahati Girl molestation
Molester Bond Amarjyoti Kalita is hiding some where… people of the state and the
Country please look around, find him make him black n blue … Drag him to police station.
Its time to come forward n punish such cowards.


Vijay Jha
प्रत्येक कुविचार को रोकने के लिए दो तरह के कदम उठाने चाहिए | एक , तात्कालिक और एक दीर्घकालीन प्रभाव डालने वाले प्रयास ! ........ संस्कृति और आचरण वला सवाल दीर्घकालिक है | किन्तु तत्काल ऐसे घटनाओं का दुहराव ना हो इसके लिए ऐसा करने वालों को सजा होना जरुरी है और मीडिया और हमें ऐसी घटनाओं का फौलो़अप भी करना चाहिए |


Kumar Sauvir
असम में हो गया द्रौपदी का चीर-हरण
वीडियो न देखता तो यकीन नहीं होता कि ऐसा भी हो सकता है संस्‍कृति के लिए मशहूर इस राज्‍य में
जन संस्‍कृति मंच के उपाध्‍यक्ष रहे हैं स्‍वर्गीय लोकगायक भूपेन हजारिका
खासबात तो यह कि असम समेत देश के सभी पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में मातृसत्‍तात्‍मक सामाजिक व्‍यवस्‍था मानी जाती है
यानी क्‍या अब मान लिया जाए कि असमियों ने अपने चेहरे पर से शराफत का लबादा हटा दिया है

Arun Km Nim
गुवाहाटी के दरिंदों के लिए फ़ासी की सजा भी कम है, उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर देना चाहिए| पुलिस अब तक कर क्या रही थी, महिला आयोग बस महिलाओ पर शोषण होता देखने के लिए है| समाज के ठेकेदारो भी ऐसे शांत बैठे है जैसे उनके लिए महिलाओ कर शोषण आम बात हो|


Hema Dixit
बीच सड़क पर एक नाबालिग लड़की के साथ यह कृत्य एक प्रकार से सार्वजनिक सामूहिक बलात्कार के अलावा और किसी भी श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है ...

इन बलात्कारियों को पकड़ कर सर्वप्रथम तो इनके दोनों हाथ काट दिये जाने चाहिए ...
इन्हें भी सरेआम इसी प्रकार निर्वस्त्र कर लात-घूँसो से पीटा जाना चाहिए ...

किसी चौराहे पर एक पिंजरे में कैद कर इन पर रोज थूका जाना चाहिए ...

मौत की सजा ऐसे जानवरों के लिए कदापि नहीं ...

इन्हें जीवित रख कर हर दिन हिस्सों में मारा जाना चाहिए ...

गिरफ्तारी,क़ानून,सजा,सामाजिक बहिष्कार ऐसे जानवरों के लिए नहीं है ...

सिर्फ एक ही लक्ष्य होना चाहिए त्वरित न्याय और एक ऐसी नजीर सामने आए कि इस तरह की नृशंस सोच आने से पहले ही ऐसे जानवरों की रूह काँपे ...


Haresh Kumar
असम की राजधानी गुवाहाटी में लड़कियों के साथ छेड़खानी करने वाले वहशी लोग आदमी के वेष में कुत्ते की वो दुम हैं जिन्हें आप वर्षों तक लोहे के रॉड से बांध कर रखो, रॉड टेढ़ी हो जाएगी लेकिन दुम सीधा नहीं होगा?


Alka Bhartiya
गौहाटी की सभी औरतो लड़कियों को आज डंडा लेकर शहर के सभी थानों मे पहुंच जाना चाहिए , आधे घंटे के अंदर सभी आरोपी उनके हवाले होंगे और पुलिस वाले उनकी ताजपोशी औरतो की देख रेख मे करते नज़र आयेंगे , इस् देश के पुरुषों को एक ही भाषा मे समझाया जा सकता है फूलन देवी की भाषा मे.


Alka Bhartiya
आज यहाँ पर कुछ लोगो को गौहाटी मे हुये उस घिनुने कृत्य की निंदा करने के बजाय लड़की पे आरोपों की झड़ी लगाते देख बहुत दुःख हुआ , वोह सभी लोग भले ही शारीरिक रुप से वहां नहीं थे लेकिन मानसिक रुप से उसी गुंडागर्दी के हिस्से हैं

Shri Balraj
कहा है अब "राष्ट्रिय महिला आयोग" की अध्यक्षा जो "खंग्रेश" की एक बडी महीला नेत्री है क्या उन्हे नही पता कि कल गुवाहटी मे क्या हुआ है?

या सिर्फ यह लोग भाजपा शासित राज्यो मे होने वाली घटनाओ पत अपनी छाती कुटते है और प्रेस कोनफ्रेन्स करते है

यह वही ममता शर्मा जी है जिन्होने बयान दिया था कि "महिलाओ को सेक्सी कहलाने पर कोई आपत्ती नही होनी चाहिये"


Jitendra Pratap Singh's
कल एनडीटीवी पर रवीश कुमार गुवाहाटी मे सरेआम हुई लड़की के साथ बलात्कार की कोशिस पर बहुत गुस्से मे थे .. उनके असली गुस्से की वजह थी की आसाम मे कांग्रेस का राज है .. और बेचारे बीजेपी को कोस नही पा रहे थे ..

फिर इन नीच चैनेल ने पता लगाया की गुवाहाटी की सांसद विजया चक्रवर्ती तो बीजेपी की है .. फिर क्या था इसने विजया से सवाल जबाब करने लगा .. और उन्हें ही दोष देने लगा की आप क्या कर रही थी |

फिर जब मैंने देखा की ये जनाब ट्विटर पर भेजे संदेश भी बीच बीच मे सुना रहे है .. तो मैंने भी इन्हें ट्विट किया कि गुवाहाटी से राज्यसभा सांसद खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह है आप उनका नाम क्यों नही ले रहे है ?

फिर मैंने ट्विट किया कि क्या कानून व्यस्था की जिम्मेदारी लोकसभा सांसद की होती है ? ये किस कानून या सम्विधान मे लिखा है ? राज्य सरकार क्या करती है ?

फिर अंत मे मैंने ट्विट किया रवीश जी अगर ये घटना गुजरात मे घटी होती तो आप मोदी राज ,,मोदी राज कह कहकर अपनी छाती कूट कूट कर घायल हो जाते .. यकीं नही हो तो देख लो एबीपी न्यूज़ पर एक लडके के साथ बदसलूक़ी का शीर्षक है नितीश राज मे गुंडाराज .

लेकिन आप लोग कांग्रेस शासित राज्यों के मामले मे वहाँ के मुख्यमंत्री का नाम क्यों नही घसीटते ?

फिर तो जैसे मै किसी कुत्ते की दूम पर जूता पहनकर खड़ा हो गया ..

टीवी पर सौम्य से दिखने वाले रवीश कुमार अपनी असली रूप मे आ गए . और मुझे कहा .. शटअप ..


Radha Madhwa
माता पिता वैलन टाइन डे मनाये तो तीसरी पीढ़ी या बेटे एवरी डे वैश्यावृति डे मनाये कोई बड़ी बात नहीं होगी |

जब माता पिता का प्रेम आत्मन भाव से नाशवान तत्वों में चला गया तो उनका और उनकी आने वाली संततियो में भी प्रेम नहीं होगा |

और वो अज्ञानता कारण पाप कर्म करते और कराते ही दिखेंगे |

परम न होकर भोग-वाश्नाये-कामनाए जागेगी जिसे मुर्ख प्रेम कहेगे और जब वो भोग वासना पुरी न हो तो फिर वे लोग उन भोग-वाशना-कामना को पूरी करने के लिए तरह तरह के पाप कर्म करने लगते है |

प्रेम होगा तो भावी बच्चो, पूर्वजो , संस्कृति और सभी आत्मन से भी (चाहे आत्मा किसी सरीर में हो या उससे बहार )होगा अर्थात सत्य धर्म तुल्य परमात्मा के प्रति व्यवहार होगा वरना उन लोगो में प्रेम ही नहीं होगा |

एक वैलन टाइन जैसी विदेशी छोटी छोटी बात का क्या प्रभाव है इसे जान कर एसे जहर को फैलने से पहले रोकना ही श्रेष्ठ, प्रेम अर्थात भारत , धर्म और परमात्मा से प्रेम है |

रात को ये लडकिय क्यों एसे जाती है कितने लडको को हम रोक पाएंगे | अश्लील मोर्चा यही परिणाम है |

ये तो खुले में दिखरा रहा है | क्या एसी लडकिय खुद भी एसे काम अन्दर कमरों में , डिस्को और बार में कर आती है |

अत एसी संस्कृति को रोको और एसे लडको के अंग और एक हाथ काट देने चाहिए |


Arun Km Nim
उत्तर प्रदेश, बिहार मे गुवाहाटी जैसा हादसा हो जाता तो अब तक अपराधियों के खिलाफ फतवा जारी हो जाता, पंचायत बैठ जाती, सडको को चक्का जाम किया जाता, अपराधियों के घरों मे आगजनी हो जाती, एक दो पुलिस चौकी, दो तीन पुलिस जीप्सी आग के हवाले कर दी जाती| ध्यान रखे उत्तर प्रदेश/बिहार के निवासी राजनीती क्यों न करते हो कम से कम समाज मे व्याप्त अन्याय के खिलाफ आन्दोलन जरुर करते है, चाहे वो राजनीती से प्ररित ही क्यों न हो|



Rohan Agrawal
गुवाहाटी मे लड़की से छेड़छाड़ मामले मे बड़ा खुलासा .. आसाम पुलिस जल्द ही कई बड़े लोगो को गिरफ्तार करने जा रही है

पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया की उनके साथ एक चैनल का पत्रकार भी था जो पब मे दारू पीने आया था | लड़की के साथ छेड़छाड़ सबसे पहले 'न्‍यूज लाइव' चैनल के रिपोर्टर गौरव ज्‍योति ने शुरू की थी।

(न्‍यूज लाइव) मालिक हिमांता विश्‍व शर्मा हैं। शर्मा असम के शिक्षा व चिकित्‍सा मंत्री हैं।

साथ ही पता चला है की लाल शर्ट वाला कलिता यूथ कांग्रेस से जुड़ा रहा है लेकिन नौकरी मिलने के बाद सेवा शर्तों की वजह से उसने यूथ कांग्रेस छोड़ दी थी .. लेकिन कांग्रेस से जुड़ा रहा .. और कांग्रेस नेता विश्व शर्मा के लिए चुनाव प्रचार किया था



Sunil Mohan Thakur
मिडिया आज दो समाचार के साथ व्यस्त रही एक तरफ असम में हवस के दरिंदों के करतूतों को लेकर जिसको देखने के बाद आज सभ्य समाज के लोग
शर्म से सर झुकाए हुए हैं ! वहीँ दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के खाप पंचायत को लेकर ....लेकिन एक बात है अभी भी असम वाली घटना यदि भारत के गांव में
हो तो ऐसे दरिन्दे की खैर नहीं ! अभी भी हमारे देश के गांव में समाज जिन्दा है जिसे मिडिया लगातार तोड़कर शहर वाली प्रदुषण लाने में एंटी-चोटी एक कर लगी है जो भारत की आत्मा गांव में है कृपया उसे दूषित न करें ......तभी
हमारे देश की सभ्यता बचेगी और दुनियां हमें कहेगी ...............जय हो !!!


Nadim Ram Ali
कल तू गुवहाटी में पिटी, आज कही और कल कही और परसों कही और, कब तक तू पिटती और अन्याय को सहती रहेगी ? क्या तेरे अन्दर की दुर्गा, काली, झाँसी की रानी मर गई है ? जो तू दुसरो की मदद का इंतजार करती है, हे नारी अपने आप को पहचान तू जिस दुर्गा, काली, फ़ातेमा जेहरा की पूजा करती है तू उसी का रूप है ...
एक सवाल -
इस तरह सड़क छापो, दरिंदो से पीटना चाहोगी या फिर अपनी रक्षा के लिए झाँसी की रानी, दुर्गा और काली बनोगी ?
याद रखना यह अन्धो की दुनिया है, तुझे अपनी रक्षा खुद करनी है - जय माता दी