Neeraj Pratap Yadav
7.30 रुपये पेट्रोल फिर बड़ा है. अरे सीधा 500 रुपये लीटर करो. रोज़ रोज़ का किच किच नहीं चाहिए, जिसके बस का होगा वो खरीदेगा. जब लोग 400 रुपये का पिज्जा और 100 रुपये की काफी पी सकते हैं तो 500 रुपये लीटर पेट्रोल भी ले लेंगे फिर 2014 में फिर कांग्रेस को वोट देंगे.
भारत कि जनता किसी से डरती नहीं है, मरने के लिए हमेशा तैयार. चाहे आतंकबादी हमला हो या महगाई की मार, यहाँ पर सब कुछ भुला दिया जाता है, और शुरू होता है ये गणित कि अब इसमें कैसे गुज़ारा किया जाये.
आमिर खान बेटी बचाओ के साथ साथ पेट्रोल बचाओ पर भी शो करेंगे
आज वो लोग जिन्होंने 2009 में कांग्रेस को वोट दिया था क्या सोच रहे होंगे. उन्हें कांग्रेस पर भरोसा था या बहक गए थे या कोई और आप्शन नहीं था.
जल्द ही सोनिया तक जनता की आवाज़ पहुंचेगी ओर वो जरूए इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 2 रुपये पेट्रोल की कीमत कम कर देंगी और मीडिया उनकी दया का बखान करते नहीं थकेगी.
Naveen Kumar
कच्चे तेल से भारत तो क्या किसी भी देश में पेट्रोल के दाम कभी भी तय नही होते, क्योंकि, कच्चे तेल से 300 से ज़्यादा उत्पाद निकेलते हैं, जिनका अलग अलग दाम होते है और किसी किसी के तो बहुत ज्यादा दाम होते है. असल में कांग्रेस की महारानी का घर भरना है, इसलिए हमको यह दाम देना ही है............................................
वर्ना आप खुद ही सोचे भला किसी वेटर या वेट्रेस का नाम दुनिया के अमीरों में चौथा तो छोडो १०० वे पर भी आया है क्या........................................ ?
क्या मजाक है जनता के साथ ८० प्रतिशत से ज्यादा कर + मुनाफा .... क्या आपको ये नहीं लगता कि नित्य नए नए घोटालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ये मूल्य वृद्धि की गई है ! हमने जो आंकड़े और गणना इस चित्र में दी है उसकी प्रमाणिकता आप ऑनलाइन चेक कर सकते हैं .. की डालर का मूल्य क्या है और प्रति बैरल कच्चे तेल का मूल्य क्या है .. अगर प्रमाणिक लगे तो शेयर करें अधिक से अधिक जिससे इस कमरतोड़ षड्यंत्र की जानकारी जनता को भी हो सके
सरकार कितना झूट बोलती है...
1. सरकार कहती है की पैसा के कीमत घाट रही हे .. इसलिए हमने पेट्रोल के रेट बढ़ाये है....
2. सरकार कहती हे की अंतरास्ट्रीय मूल्य में तेज़ी आई...
तथ्य...
15 may 2011 (उस समय $1 = 46 rs था) -- अंतरास्ट्रीय मूल्य तेल का... $114 प्रति बैरल यानी... 114 X 46 = 5244 rs.
May 2011 ($1 = 56 rs है) -- अंतरास्ट्रीय मूल्य तेल का... $91.47 प्रति बैरल यानी... 91.47 X 56 = 5122 rs.
यानी आज हमको पिछले साल से 122 रूपये सस्ता तेल मिल रहा है.... तो यह बढे नहीं बढ़ाये जा रहे है......
यह बढे नहीं बढ़ाये जा रहे है.....
यह बढे नहीं बढ़ाये जा रहे है.....
पेत्रोलयूम कंपनिया पेट्रोल के अलावा भी benzene, toulevne, जैसे उत्पादों से हजारो करोरो मुनाफा कमाती है..
पेट्रोल खरीदने और उपभोक्ता तक पहुचने तक 5 महीने तक का समय लगता है...
अमेरिका जैसे अमीर और पाकिस्तान जैसे गरीब देशो में भी पेट्रोल 53 रूपये में मिल रहा है...
पेट्रो की कुल कीमत में लगभग 5०% टैक्स होता है...
इरान की रेफिनारी सफ़ेद waste को बॉम्बे में उतार के... पेट्रोल में मिला के.... 3-4 रुपये/लीटर के मार्जिन बना के पेट्रोल में मिलाया जाता है...
70 लाख करोर से ज्यादा लूटा जा रहा है पेट्रोल से...
आज से 7-8 साल पहले राशी अल्वी जब bsp में थे.. तो इन्होने इन्कोमे टैक्स कमिश्नर को 1 तेल कंपनी की 2000 छोटी बोगुस कंपनियों की लिस्ट दी जो एक्स्सिसे ड्यूटी...इम्पोर्ट ड्यूटी नहीं देते...matlab सिर्फ जनता से लिया जाता है....
आज क्यों नहीं रशीद अल्वी वो लिस्ट देते.. क्यों नहीं सलमान खुर्सीद देते वो लिस्ट...
आज तो यह कोम्पिन्यू... बढ़ के.... 10000 तक हो गयी.. है.. ऐसा अनुमान है....
30% ही गरीबो के दिया जाता है.... बाकी 70% नेपाल, बंगलादेश आदि में दिया जाता है....
1. सरकार कहती है की पैसा के कीमत घाट रही हे .. इसलिए हमने पेट्रोल के रेट बढ़ाये है....
2. सरकार कहती हे की अंतरास्ट्रीय मूल्य में तेज़ी आई...
तथ्य...
15 may 2011 (उस समय $1 = 46 rs था) -- अंतरास्ट्रीय मूल्य तेल का... $114 प्रति बैरल यानी... 114 X 46 = 5244 rs.
May 2011 ($1 = 56 rs है) -- अंतरास्ट्रीय मूल्य तेल का... $91.47 प्रति बैरल यानी... 91.47 X 56 = 5122 rs.
यानी आज हमको पिछले साल से 122 रूपये सस्ता तेल मिल रहा है.... तो यह बढे नहीं बढ़ाये जा रहे है......
यह बढे नहीं बढ़ाये जा रहे है.....
यह बढे नहीं बढ़ाये जा रहे है.....
पेत्रोलयूम कंपनिया पेट्रोल के अलावा भी benzene, toulevne, जैसे उत्पादों से हजारो करोरो मुनाफा कमाती है..
पेट्रोल खरीदने और उपभोक्ता तक पहुचने तक 5 महीने तक का समय लगता है...
अमेरिका जैसे अमीर और पाकिस्तान जैसे गरीब देशो में भी पेट्रोल 53 रूपये में मिल रहा है...
पेट्रो की कुल कीमत में लगभग 5०% टैक्स होता है...
इरान की रेफिनारी सफ़ेद waste को बॉम्बे में उतार के... पेट्रोल में मिला के.... 3-4 रुपये/लीटर के मार्जिन बना के पेट्रोल में मिलाया जाता है...
70 लाख करोर से ज्यादा लूटा जा रहा है पेट्रोल से...
आज से 7-8 साल पहले राशी अल्वी जब bsp में थे.. तो इन्होने इन्कोमे टैक्स कमिश्नर को 1 तेल कंपनी की 2000 छोटी बोगुस कंपनियों की लिस्ट दी जो एक्स्सिसे ड्यूटी...इम्पोर्ट ड्यूटी नहीं देते...matlab सिर्फ जनता से लिया जाता है....
आज क्यों नहीं रशीद अल्वी वो लिस्ट देते.. क्यों नहीं सलमान खुर्सीद देते वो लिस्ट...
आज तो यह कोम्पिन्यू... बढ़ के.... 10000 तक हो गयी.. है.. ऐसा अनुमान है....
30% ही गरीबो के दिया जाता है.... बाकी 70% नेपाल, बंगलादेश आदि में दिया जाता है....
पेट्रोल की कीमत में 7.50 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी ने आम आदमी को हिलाकर रख दिया है। लोग अपने गुस्से का सोशल साइट्स पर खुलकर इजहार कर रहे हैं। ट्विटर पर #petrol #Rs 7.50 #Aam Aadmi टॉप फाइव ट्रेंड्स में हैं। कोई पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे मुल्कों में पेट्रोल की कम कीमतों पर आहें भर रहा है, तो कोई इसे साजिश बता रहा है। देखिए किस तरह भड़ास निकाल रहे हैं लोग...
तेल की प्रति बैरल औसत कीमत 100 डॉलर है। यह रुपये के ताजा एक्सचेंज रेट (56 रुपये) के हिसाब से 5600 रुपये बैठती है। 1 बैरल में 160 लीटर होते हैं। इस तरह पेट्रोल की कीमत हुई 5600/160= 35 रुपये
तेल की प्रति बैरल औसत कीमत 100 डॉलर है। यह रुपये के ताजा एक्सचेंज रेट (56 रुपये) के हिसाब से 5600 रुपये बैठती है। 1 बैरल में 160 लीटर होते हैं। इस तरह पेट्रोल की कीमत हुई 5600/160= 35 रुपये