Sunday, December 23, 2012

दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार और उसके बाद की प्रतिक्रिया ने एक नया अध्याय खोल दिया है , जनता अपना हक़ खुद चीन सकती है। यहाँ जनता द्वारा दिए गए कुछ वक्तव्य इकट्ठे किये हैं जो याद रहेंगे।


महिलाओं को पुरुष पुलिसकर्मियों के क्यों मारा ? महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों द्वारा देखा जाना चाहिए और उसके लिए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को पुलिस में भर्ती किया जाना चाहिए लेकिन सिविल सोसाइटी को समानता के अधिकार अनुच्छेद-14 के साथ विचार कर इस विषय पर गहन मंथन करना चाहिए कि महिलाओं की पुलिस में भर्ती समानता के सिद्दांत के अनुसार पर योग्यता और श्रेष्ठता के आधार पर की जाएगी या महिलाओं को विशेष प्रतिनिधित्व/ आरक्षण का अधिकार देकर। सबसे शर्म की बात यह है कि इसी वर्ष इसी देश में उपद्रवियों की भीड़ पर लाठी बरसाने वाली महिला पुलिसकर्मी को उपद्रवियों की भीड़ ने आड़े हाथो लेते हुए, उसके कपडे ही नहीं फाड़े बल्कि उसकी लाठी को छीनकर उसी तरह से प्रयोग करने की कोशिश की जैसे दिल्ली के बलात्कारियों द्वारा किसी लोहे की छड से पीड़ित के साथ किया गया हैं। यदि समस्या का वाकई समाधान चाहते हैं तो बहुत सोचना पड़ेगा सिविल सोसाइटी वालो को।
Kya Karen
Kya Karen













क्या लोग अगले चुनावो मे फिर भूल जायेंगे और दुबारा कान्ग्रेस को वोट देंगे?
भाड़ में जाये सचिन का सन्यास.
कांग्रेस कितना गिर सकती है ये किसी से छुपा नहीं है लेकिन उस पर कमाल ये है कि हिमाचल के लोगों ने कांग्रेस को चुना.

बलात्कारी को फांसी देने से बेहतर गंगाजल (शायद सबको याद होगा ) है जिससे दर्द हमेशा रहे क्योंकि बलात्कार पीड़ित लडकी मरती नहीं बल्कि जिन्दगी भर उस दर्द के साथ जीती है।

भारत के एकमात्र युवा नेता राहुल गाँधी के पास दिल्ली में युवाओं पर हो रहे लाठी चार्ज से ज्यादा जरूरी काम हैं उन्हें परेशां न किया जाये। राहुल गाँधी बलात्कार और लाठी चार्ज जैसी छोटी मोटी बातों पर अपना वक़्त जाया नहीं करते।

कोई भी माता पिता या गुरु बच्चे को बड़े होकर बलात्कारी बनाना नहीं चाहते फिर भी बन रहे हैं। गलती किसकी है।

बहुत दुःख है की अभी भी कांग्रेस को वोट देने वाले लोग हैं इस देश में, पता नहीं ये देश कब पूरी तरह कांग्रेस से मुक्त होगा।

चुनाव भाषण मे राहुल बहो की आस्तिने ऊपर कर कर के गुस्सा दिखाता है ... अब वो राहुल कहा गया ? अब वो बलात्कारी कहा गए ? अब वो अन्ना को जैल मे डालने वाले कांग्रेषि कहा गए ?

बाबा रामदेव के विरुद्ध केस खुलिवाल को सपोर्ट !!

वह मीडिया और खंग्रसी दलालो कब टक घू खाओगे ??

कांग्रेस का हाँथ ..आम आदमी के साथ ....!!!

दिल्ली में बलात्कार पीड़ित  लड़की के समर्थन में एकत्रित जनसमूह पर आंशू गैस के गोले छोडते   दिल्ली सरकार के सुरक्षा बल ...........!!!

पुलिस कहती है हमारे आफिसर जख्मी हो गए हैं !!
तो क्या इन्साफ चाहने वाले लोग जख्मी नहीं किये हैं तुमने?

ये लोग अगले चुनावो मे फिर भूल जायेंगे
और दुबारा कान्ग्रेस को वोट देंगे

भीड़ हिंसक होती है. यहाँ युद्ध जैसा माहौल है

इस बार तो लगता है
आर या पार होगा

खबर है सरकार दिल्ली गैंग रेप के विरोध में उबल पड़े गुस्से से निपटने के लिए सेना लगाने जा रही है। बाकी बातें बात में, अभी सिर्फ यह कि दोस्त, बेटी, बहन, प्रेमिका या माँ जो भी मान लें, इसी सेना की पाशविकता का शिकार हुई कश्मीर की नीलोफर, आशियाँ हों या मणिपुर की मनोरमा, वो दिल्ली की अपनी दोस्तों के हक़ में खड़ी होतीं, इस फौज के इस हुकूमत के खिलाफ खड़ी होतीं।
अफ़सोस कि कुछ बहुत प्यारे और इमानदार दोस्तों को भी यह बात समझ नहीं आ रही।

Kanoon















जो तौर है ज़माने का उस तौर से बोलो , बहरों का इलाका है ज़रा जोर से बोलो

इस आंदोलन का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है. सभी अपनी अपनी रोटी सेकना चाहते है. रामदेव से लेकर नक्सली समर्थक जैसो से आंदोलन को नुकसान ही पहुचेगा.

ब्याभिचारियो से भरे सत्ता केंद्र से नैतिकता और इंसानियत की आशा करना बैसे ही ब्यर्थ है जैसे जहर से जिन्दगी की उम्मीद करना ....!!!

अगर इसकी बेटी होगी तो इसको क्या कहेगी ?????

















अब सेना को बुलाने की तैयारी हो रही है. आज बहुत सी लड़कियो को घायल होते देखा. ह्रदय द्रवित हो उठा.

जिस देश की सत्ता में ''शबाव'' के शौक़ीन बड़ी संख्या में हो ..बो सत्ता हमेशा बलात्कारियो के प्रति नर्म भाव ही रक्खेगी ...!!!

हमें ऐ ज़िन्दगी तुझ पर हमेशा रश्क आता है
मसायल से घिरी रहती है फिर भी मुस्कुराती है

बड़ा गहरा तअल्लुक़ है सियासत से तबाही का
कोई भी शहर जलता है तो दिल्ली मुस्कुराती है.

देश में 'जनता का जनता द्वारा और जनता के लिए' हो रहे आन्दोलन उग्र और हिंसक न हो । सरकार तो मीडिया और लोगों का ध्यान इस आन्दोलन से भटकाने के लिए सचिन तक को वन-डे से सन्यास दिलाने में सफल रही । कहीं आन्दोलन को उग्र और हिंसक करार, इसे कुचल अपनी मंसूबो में भी कामयाब न हो जाय । जोश में होश न खोने के अपील के साथ इंडिया गेट से लौट कर ।

सुषमा स्वराज : मित्रो कृपया हिंसा ना करें !
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पर सुषमा जी आपको क्या बताऊँ ये हिंसक लोग कांग्रेस के ही छात्र हैं NSUI कार्यकर्ता जो कांग्रेस द्वारा आंदोलन को बदनाम करने के लिए भेजे हैं !

अरे मूर्खो समझो आपकी बलि देकर ये कांग्रेसी बलात्कारी आपके ऊपर ही राज करेंगे साँझ जाओ जागो "पब्लिक है सब जानती है " कितना अच्छा लगता है ये कहना है न ?

बेदर्द कांग्रेस सरकार भारत की बेटियों पर अत्याचार करती हुई कहीं ना कहीं ये भी तो रेप ही तो है न ?



भारतीय युवाओं के जोश को शांत कराने की नई राजनैतिक साजिश की शुरुवात...
कुछ नेता मानते है की कुत्तों का काम भोकना है और जब भोंकते थक जायेंगे सब अपने अपने घर की ओर निकल लेंगे...
जल्द ही सिर्फ एक आश्वासन दे कर सब युवाओं को इण्डिया गेट से विदा किया जायेगा और फिर ये इंकलाब पिछले इंकलाब की तरह कहानी ही बनके रह जायेगा...

Delhi Police submitted its report to Home Ministry declaring that they can't manage the protest, Are they planning to bring in paramilitary and army ?

A Girl in ICU speaks more than PM

मीडिया भारत स्वाभिमान के समथकोँ को टी वी पर इस प्रकार पेश कर रही है जैसे हम वहाँ आतँक फैला रहे है हम अपना हक माँग रहे है और हमारे समथकोँ पर लाठी आँसू गैस छोडी जा रही है

दिल्ली के बाद मणिपुर के इम्फाल मेँ प्रदर्शनकारियोँ पर टूटा पुलिस का कहर . पुलिस ने की फायँरिग प्राप्त जानकारी के अनुसार एक पत्रकार की मौत

पीड़ित लड़की जीवन भर खाना नहीं खा पायेगी और उसका ये हाल करने वालो को अधिकतम आजीवन कारावास, जिसमे सुबह का नाश्ता और दो समय का खाना उन्हें अनिवार्य रहेगा इसलिए इनकी सजा अब जनता ही तय करे.....

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जब देश के युवाओ की मांग पर बाहर नहीं आते है तो ये बात साबित हो जाती है की ये लोग देश की जनता का प्रतिनिधित्व नहीं करते। ये लोग सिर्फ 10 जनपथ के प्रति ही उत्तरदाई है ऐसा लगता है


कांग्रेस के सबसे बड़े पिट्ठू सचिन ने दी अपने अरमानो की बलि , सचिन ने संन्यास की घोषणा आज इसिलए की क्यूंकि मीडिया का ध्यान आंदोलन से हटाया जा सके !!

A new generation is taking shape. If they look like a mob or anarchic to you, it is your fault. You fail to be with them when they needed you. Now, let them choose their path. You walk on your own.

जो लोग तब भी खुद घर से बाहर नहीं निकले, चाहे किसी मवाली ने उन्ही की बहिन बेटियों पर छींटा -कशी की हो या अश्लील फब्ती कसी हो, जो लोग निर्मल बाबा और खापी के पेट फैला चुके ऐसे ही बाबाओं के क़दमों में अपनी जन्नत समझते हों
ऐसे कमीने लोग बाबा रामदेव की आन्दोलन में शामिल होने को ले कर उनकी आलोचना करें बर्दाश्त से बाहर है, इन्हें तो ऐसे ही बाबा चाहिए जो बैठे बैठे बोल् बचन करें और मलाई खाएं ,,,, देश की फ़िक़र करने वाले बाबा इन्होंने देखे कहाँ हैं

कहाँ है हमारे चुने हुए गीदड़...दो मुंहे सांप...रंगे सियार.. एक भी नज़र नहीं आ रहा... हाँ क्यूंकि ये चुनाव का मौसम नहीं है... और न ही कोई राजनैतिक मीटिंग... जहां डींगे हांक सके.. सफ़ेद झूठ बोल सके... अपने आलाकमान की चिलम भर सके... यहाँ तो नारी की अस्मत का सवाल है... और न्याय चाहिए...पर वो सब नदारद है...कोई नज़र नहीं आ रहा... खैर ये सब तो बाद में देख लेंगे... फिलहाल हम दुआ करे उस पीड़ित बहन के स्वाथ्य लाभ की...

आंदोलन को हिंसक बनाने वाले कांग्रेस पार्टी से संबंध रखने वाला छात्र संघ NSUI ईंट और पत्थर बरसा रहा है !!

यदि यह गुजरात मे हुआ होता तो अब तक मीडिया मोदी का सिर मांग चुका होता.. लेकिन शीला दीक्षित के त्यागपत्र के बारे मे अभी तक कोई चर्चा नही.... - IBTL

अरुंधती राय का कहना है कि -"विरोध होना चाहिए लेकिन चुन चुन के विरोध नहीं होना चाहिए. हर औरत के रेप का विरोध होना चाहिए. ये दोहरी मानसिकता है कि आप दिल्ली के रेप के लिए आवाज़ उठाएंगे लेकिन मणिपुर की औरतों के लिए, कश्मीर की औरतों के लिए और खैरलांजी की दलितों के लिए आप आवाज़ क्यों नहीं उठाते हैं.

रेप का विरोध कीजिए इस आधार पर नहीं कि वो दिल्ली में हुआ है या मणिपुर में या किसी और जगह. मैं बस यही कह सकती हूं

मित्रो देश बचेगा तो हम फेसबुक पर दोस्ती भी निभा लेंगे.. अभी समय है देश के लिए कुछ करने का... आओ मैदान में और राष्ट्रहित में कार्य करे..

General V.K. Sing ko Chot Lagi

Priyanka Jain 
यहाँ गलती किसकी है..?? दोष किसका है..?? समाज का, इंसान का, सरकार का, नीतियों का, पुलिस..???? क्यूँ हम स्वयं खड़े नहीं हो पाते अपने अधिकारों के लिए..?? क्यूँ सह रहे हैं हम ये तानाशाही..??? क्या जनता में इतना साहस, बल नहीं कि उखाड़ सके सरकार की धज्जियाँ..???

सबसे पहले एक माँ की सोच को बदलना होगा .जो हमेशा उसे सिखाती है की तुमारा भाई और पति ही तुम्हारी रक्षा कर सकता है .. जबकि उसे शिक्षा देनी चाहिए की तुम किसी से कम नहीं हो,

कल मैं जब इंडिया गेट गया था तो मैंने वहाँ मौजूद युवाओं को सोनी सोरी के साथ की गयी क्रूरता के बारे में बताया . काफी युवाओं ने बहुत उत्सुकता से यह सब जानना चाहा . मुझे लगा कि अगर हमारी बेहतर तैयारी होती तो हम आदिवासी , दलित और अल्पसंख्यक महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में पर्चे, पोस्टर . बैनर , फिल्म शो आदि का इस्तेमाल कर जागरूकता फैला सकते थे

अगर यह प्रदर्शन लम्बा चलता है तो हमें मिल कर यह सब ज़रूर करना चाहिये .

हमारे नेता वाकई बड़े महान हैं,हर चीज़ की कीमत लगा देते हैं.शीला दीक्षित ने दिल्ली वालो के भूख की कीमत लगा दी,अखिलेश यादव ने बलात्कार की कीमत लगा दी.ऐसा मैं इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि उन्होंने दिल्ली बलात्कार कांड की पीड़ित लड़की को ५ लाख रु. देने की घोषणा कर दी.अच्छा तो तब होता जिन बलात्कारी विधायको के वे नेता हैं,उन्हें फांसी की सजा दिलवाते.पर!!!कूपहीं में यहाँ भांग पड़ी है!!!

सड़कें छोड़िए, घर में भी सुरक्षित नहीं हैं लड़कियां, एक और हुई शिकार...
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दिल्ली में गैंगरेप की घटना के बाद देशभर में इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन मध्यप्रदेश में महिलाओं से ज्यादती और छेड़छाड़ की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।

कई क्षेत्रों में नाबालिग छात्राओं, महिलाओं से ज्यादती के मामले सामने आए हैं। इनमें एक मामला नाबालिग के साथ दुष्कर्म, मुकदमा अपहरण व छेड़छाड़ का है। 

BJP ke netao ne delhi gangrape mamle par rajniti shuru kar di hai. gangrape par politics. it is a matter of shame.

L i v e . . . बाबा गरज रहें हें . . . .!

बलात्कारियों को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए !!
<<<<<-------------- उपाय ------------>>>>>
पर पहले सज़ा हो उन फ़िल्मी नौटंकी वालियों को जो इन्हें उकसाती है-
बंद हो सब म्युज़िक चैनल जिन पर परोसे जाते है नंगे नाच-

बंद हो सभी उकसाने वाले विज्ञापन-
बंद हो ऐसे सभी कार्यक्रम जो ना देखे जा सके परिवार के साथ-
बंद हो सभी ऐसे स्कुल जहाँ पलती है विकृत मानसिकता-
बंद हो सभी ऐसे पार्क जहां हर बेंच पे बैठे है बेशर्म जोड़े-

हम भारतीय हर इस चीज़ को सामान्य मानने लगे है।
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जिस घर में राजीव दीक्षित जी के व्याख्यान सुने जाते है वहां कलयुग की छाया नहीं रहती .इसलिए रोज़ अपने परिवार के साथ , मित्रों के साथ थोड़ी देर के लिए इनके व्याख्यान ज़रूर सुनिए .
- आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के जितने भी बुरे असर है वे इससे दूर हो जा
येंगे . आपके बच्चे गाँव छोड़ शहर को ; शहर छोड़ विदेश जाने की बात भूल जायेंगे .
- अगर फेल हो जाए तो आत्मा ह्त्या नहीं करेंगे और बेरोजगार हो तो एक चाय का ठेला
लगा कर भी व्यवसाय शुरू कर आगे बढ़ कर दिखाएँगे .
- अगर बिमार पड़ जाए तो एलोपेथी के कुचक्र में कभी नहीं फसेंगे .
- इतिहास विषय में रूचि जागृत हो जायेगी .
- अर्थ शास्त्र में निपुण हो जाओगे .
- लड़के और लडकियां गंदे आधुनिक वस्त्र पहनना छोड़ भारतीय वस्त्र अपनाएंगे और उनका व्यवहार सुधर जाएगा . सब देख कर सोचेंगे ये कुछ अलग है , इनमे कुछ ख़ास बात है जो अच्छी लगती है .

मित्र Rakesh Srivastava जी लिखते है -
बड़ी तेजी से यह बात फैलाई जा रही है कि यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि इस आंदोलन की आखिर मांग क्‍या है, यह क्‍या बदलना चाहती है...और यह कि यह अराजकतावादी है....आप डटकर इसका उत्‍तर दें.....आंदोलन हमेशा ही ढांचा में कोई साफ भौतिक परिवर्तन लाने के लिए नहीं होते...वह सामान्‍य रूप से हमारे मन से होते हुए हमारे समाज में किसी नए मूल्‍य को अंतिम रूप से स्‍थापित कर देने के लिए भी होते हैं...यानी आंदोलन हमारे 'मन' से संवाद करने के लिए भी होते हैं...चूंकि इस मामले में संबंधित संस्‍थानीकरण में सरकार भी एक जरूरी पहलू है इसलिए युवा चाहते हैं कि सरकार आकर हमसे संवाद करे...यह आंदोलन 'जेंडर सेंसिटिविटी' मे मूल्‍य के समाज में और गहरे संस्‍थानीकरण का एक तात्‍कालिक आयाम है....और यह एक ऐसी सीख है जो युवा शेष समाज को दे रहे हैं....

सत्तर साल के एक वृद्ध को कॉलेज की एक लड़की ने कहा-ःअंकल, पानी की बौछारो में आप कहाँ आ रहे है, आप घर पे जाईये बिमार हो जाईयेगा, चोट लग जायेगा आपको।

सत्तर साल के उस जवान का जवाब था- बेटी, अपनी जिन्दगी तो जी चूका मैं। इस आन्दोलन के बाद शायद मेरी बेटी,मेरी पोती और तुम सब शायद निडर होकर कहीं भी घुम सको। इस लिये आन्दोलन को सफल बनाने आया हुँ मैं।

सलाम इस नौजवान उमँगो वाले वृद्धजन को।

कल इंड़िया गेट पर फेसबुक के और अन्य मित्रो से मिलना हुआ. कुछ लोग पहली बार मिलेँ. मिलकर सुखद अनुभूति हुई. आज भी मौजूद रहूँगा. आप चाहे तो मुझसे 8010476862 पर संपर्क कर सकते है. शुक्रिया.

दिल्ली की सत्ता ने देखी जनता की हनक ..सोनिया के पुछल्लो का दम फूला ...!!

सरकार की कुछ हरकतों को देखकर ये कहना मुश्किल है कि वो गांधीजी के अधूरे सपने को पूरा करना चाहती है या जनरल डायर के।

फ़िल्मों में मर्यादा और संस्कृति का मजाक बनाने वाली मुंबई की हीरोइनें भी आहत हैं। सबका टालरेंस खत्म हो गया है। बिहार में भी कुछ अभिनेत्रियां हैं जो राजनेताओं की भूमिका निभा रही हैं, उन्होंने भी जीरो टालरेंस की बात कही है। पटना की कालेज छात्रायें सड़कों पर निकल चुकी हैं। “आवर बाडी आवर राइट”, “वी प्राउड आफ़ आवर बाडी, डोन्ट स्नैच इट” आदि नारे लगाने वाली छात्राओं ने पूरे सूबे का मूड बदल दिया है। बिहार में पिछले 7 दिनों में अबतक 4 महिलायें सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई हैं। लेकिन बिहार के लोगों में इन मामलों को लेकर कोई संवेदनशीलता नहीं है। सभी दिल्ली में हुए गैंगरेप को लेकर मस्त हैं। साल के अंत में सबको अपना जौहर दिखाने का अवसर मिल रहा है। दिल्ली में आग लगी है। भाजपा को बैठे बिठाये मुद्दा मिल गया है। भ्रष्टाचार के मामले में अपनी बलजोरी के लिये मशहूर गडकरी ने भी अपना मुंह खोला है। बिहार में कुछ उन नेताओं ने भी मुंह खोलने की हिम्मत दिखायी है, जिनके उपर कई गंभीर आरोप लंबित हैं

बाबा रामदेव ने कहा कि मैं इंडिया गेट जरूर जाउंगा. उन्‍होंने कहा सरकार जिस तरह से प्रदर्शनकारियों के साथ व्‍यवहार कर रही है उससे तो यही लग रहा है कि सरकार बलात्‍कारियों के साथ खड़ी है.

रामदेव ने कहा कि प्रदर्शन करने से रोकना आम जनता के अधिकारों का हनन है. उन्‍होंने सोनिया गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि सोनिया गांधी को अपने अधिकारों का प्रयोग करना चाहिए.
दिल्ली गैंगरेप को लेकर देश गुस्से से उबल रहा है. आज योग गुरु रामदेव भी इंडिया गेट पर आंदोलन में शामिल होंगे. उधर सरकार ने आंदोलन को देखते हुए सात मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है.

एक-एक लाठी प्रदर्शनकारियों के हाथों में भी दे दो... फिर करो लाठी चार्ज....

मीड़िया आधी से ज्यादा खबरेँ गलत दिखा रहा है. न तो इंड़िया गेट खाली करवा पाये है और न ही इंड़िया गेट आने के रास्ते बंद है. यह इसलिए ताकि लोग यहाँ आ न सके.

नाकाम, नाकारा, भ्रष्ट और नेताओ की चमचागीरी करने वाली दिल्ली पुलिस से जब अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती तब न्याय की मांग कर रही महिलाओ और लड़कियों को जानवरो की तरह पीटा, क्या यह पुलिस आम जनता की अपराधियो से रक्षा कर सकती है जो खूद भक्षक है

मंदसौर : झार्डा मे आठ साल की मासूम लड़की से बलात्कार की कोशिश करने वाला 21वर्षीय शेर सींग पकड़ाया , इसने बची को जगह जगह से नोच दिया था ..

जिस देश में खिलाडी खेल के लिए नहीं खेलते, नेता देशसेवा के लिए चुनाव नहीं लड़ते, अधिकारी शोषण रोकने के लिए सीट पर नहीं बैठते, संसद को ऍफ़ डी आई के लिए खरीद लिया जाता हो और मीडिया बिकने को तैयार हो, उस देश में सिवाय जनक्रांति के और कोई उपाय नहीं बचता देश बचाने के लिए,,,,,,,,,,,
क्रांति, क्रांति और क्रांति।

इंडिया गेट- 23 दिसंबर 2012 : जो सवाल सुलझने चाहिए थे वे और उलझ गये हैं. कई और सवाल कुहरे के साथ हमारे सामने उतर आये हैं.