हरित क्रांति के नाम पर यूरिया डाली गयी जीडीपी बड गयी। यूरिया डालने से खाना ख़राब हुआ और बीमारियाँ पैदा हुईं जिससे दवाएं बिकी जीडीपी फिर बड गयी। नए नए हॉस्पिटल खुल गए जीडीपी ओर बड गयी। गली गली मेडिकल स्टोर खुल गए जीडीपी औए बड गयी।
शराब के दुकाने गली गली खोली गयी जीडीपी और बड गयी। शराब से लीवर की बीमारियाँ हुईं जीडीपी ओर बड गयी।
तम्बाकू गुटखा को बढावा दिया गया जीडीपी और बढ गयी। इससे कैंसर जैसी बीमारियाँ बड़ी जीडीपी और बड गयी।
फ़ास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड को बढाया गया जीडीपी ओर बड गयी। इसकी बजह से मोटापा और कोलेस्ट्राल बड़ा, दवाएं बिकी जिम खुले जीडीपी और बड गयी।
शराब शबाब और कबाब पर आधारित जीडीपी से बीमारियाँ और अपराध बढ़ेंगे। ऐसा विकास भी किसी काम का नहीं।