Monday, May 14, 2012

स्वामी रामदेव जी के दलित मुस्लिम आरक्षण के बयां पर तरह तरह के प्रतिक्रियां आई

Shillpa Sharma
स्वामी रामदेव ने एक गलती करी जब चार मंत्री उन्हे एयरपोर्ट पर रिसिव करने आए थे तब सरकार से सौदेबाजी कर लेनी थी जैसे हर राज्य मे पतंजली योगपीठ को मुफ्त जमीन, स्वयं के लिए राष्ट्रीय संत की उपाधि और भारत रत्न, राज्य सभा मे नियुक्ति । पतंजली की दवाओ को टैक्स मुक्त करना, सरकारी खर्च पर योग तथा आयुर्वेद जैसी भारतीय परम्पराओ के प्रचार के लिए देश- विदेश की मुफ्त यात्राएं । सरकार बड़ी ही आसानी से सारी बाते मान लेती ।
पर उन्हे तो देशप्रेम का पागलपन चढ़ा हुआ था । राजीव दीक्षित जी के साथ देखे स्वस्थ्य समृद्ध, संस्कारवान, नशामुक्त भारत की कल्पना, आजादी के बाद भी अंग्रेजों के बने कानूनों से देशवासियों को मुक्ति, स्वदेशी से स्वावलंबी भारत की कल्पना, आदर्श गाँव योजना, टैक्स सिस्टम मे सुधार जैसे बेकार के सपने ने उन्हे ये सब करने से रोका । कितना अच्छा होता यदि निर्मल बाबा की तरह वे सारा पैसा अपने अकाउंट मे रखते, खुद के लिए देश-विदेश मे प्रापर्टी रखते, और दुनिया के एश करते । कोई बेवकूफ व्यक्ति से भी पुछो की दोनों मे क्या श्रेष्ठ और फायदेमंद था आसानी से जवाब मिल जाता । पर उन्हे तो भूत सवार है इस देश को सोने की चिड़िया बनाने का हर व्यक्ति समर्थ और सम्पन्न बनाने का ।
दोस्तों बाबा को उनके इस जुर्म की सजा जरूर मिलनी चाहिये आओ हम सभी मिलकर बाबा के खिलाफ सरकारी दुष्प्रचार मे शामिल होकर अपने जीवन को सार्थक बनाए । जो इल्जाम आज उन पर लगाए जा रहे है उस पर बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले । आखिर हम है तो उन्ही पूर्वजो की संतान जिनकी गलतियों की वजह से अंग्रेजों ने हमे 200 साल लूटा ।




बाबा रामदेव सच्चे सनातनी है

क्योंकी वो वेद दूत हैं .
क्योंकी स्वयं को ऋषि पुत्र कहलाना पसंद करते हैं
क्योंकी अकेले उन्होंने ही विदेशी कंपनियों की नींद हराम कर दी है
क्योंकी स्वर्गीय राजीव जी के साथ मिलकर 400 लाख करोड़ का कालाधन लाने के लिए भारत स्वाभिमान की स्थापना करते हैं
क्योंकी उनके योग कैम्पों में मुसलमान भी योग करते हुए नज़र आते हैं
क्योंकी लाखो लोगो के सामने कहते है की हिन्दू और मुसलमानों के पूर्वज एक ही है
क्योंकी वो अकेले ही है जो लिविंग रेलाशान्शिप व सम्लेंगिकता के मुद्दे पर देश के सभ्रांत वर्ग से भीड़ जाते है औ मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाते हैं
क्योंकी वो ही है जो स्चूलो में वेद पढ़ाने की मांग करते है
क्योंकी वो अकेले है जो स्विस्जेर्लेंड के चोर बैंक जो भारत में चल रहे हैं उनके बारे में आम आदमी को जगह जगह जाकर समजाते हैं
क्योंके वे ही है जो नेहरु खानदान को लाखो लोगो के सामने लूटेरा खानदान कहते हैं
क्योंकी वे ही है जो बड़े नोट के खिलाफ सरकार को कठघरे में खड़ा करते हैं
क्योंकी वे ही है जो सरकार से अग्रेजो के द्वारा बनाये हुए 35 हज़ार कानून को ख़तम करने के लिए कहते हैं जय बाबा रामदेव
क्योंकी वे गंगा माँ की रक्षा के लिए पूज्य स्वामी ज्ञान स्वरुप सानंद जी को समर्थन देने के बनारस पहंच जाते हैं
क्योंकी वे अपने आन्दोलन की शुरुआत धर्म नगरी द्वारका से करते हैं
क्योंकी वे अकेले है जो 70 करोड़ किसानो के लिए आय आयोग की मांग करते हैं
क्योंकी वो हरिद्वार में खाद मुक्त कृषि पर काम कर रहे हैं
क्योंकी वो आदर्श ग्राम निर्माण योजना को जगह जगह चला रहे हैं
क्योंकी वो पाकिस्तान से आये हुए हिन्दू सर्नाथियों के पक्ष में बोलते हैं
क्योंकी वो योग और आयुर्वेद से करोडो लोगो को ठीक कर चुकें है
क्योंकी वो जनता के सामने सरकारी बजट की पोल खोल देते हैं
क्योंकी वो गो माता आधरित कृषि व्यवस्था के पक्षधर हैं
क्योंकी उनकी साथी स्वर्गीय राजीव जी जैसे महापुरुष थे .क्योंकी देविंदर शर्मा ,सुब्रमयम स्वामी ,गुरु मूर्ति , अजित ढोबल,वैदिक जी जिसे देशभक्त उनके साथ काम कर रहे हैं
विशेषताएं तो इतनी है की ये पेज छोटा पड़ जाएगा लेकिन अभी बस इतना ही
धयान रहे लिखने वाला भारत स्वाभिमान का सदस्य नहीं है लेकिन ८ साल से बाबा जी का भक्त है और उसे उस पर गर्व है

दोस्तो, ये जानकर बहुत ही दुख हो रहा है कि कुछ लोग रामदेव बाबा के विरुद्ध खङे हो गये हैँ।
इन सभी लोगो से निवेदन करती हूँ कि वास्तविक मुद्दे से ना भटकेँ। मुद्दा ये नही है कि बाबा ने क्या कहा बल्कि मुद्दा ये है कि काँग्रेस का सफाया कैँसे करेँ? आज रामदेव बाबा ये कदम उठाया है तो जरूर कुछ सोचकर ही उठाया होगा तुरन्त इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देकर काँग्रेसियोँ, बिकाऊ मीडियावालोँ,तथा सेक्युलरोँ को प्रसन्ऩ होने का मौका ना देँ।

शान्ति बनायेँ रखे और बाबा का पूर्ण सहयोग देँ।

Neeraj Pratap Yadav 

अगर कांग्रेस को हराना है तो कूटनीति सीखनी पड़ेगी नहीं तो हमारा जो हाल कांग्रेस ने किया है ऐसे ही आगे भी करती रहेगी. इस समय धर्म जात ये सब मायने नहीं रखता, मायने रखता है सिर्फ और सिर्फ सोनिया का जाना. सोनिया को पता है की कैसे इन्हें आपस में लडवाया जाये इसलिए सावधान रहें.

चाहे कोई कुछ कहे............चाहे कोई कुछ करे ,,,,आ जाए मुझे हिंदुत्व का अर्थ समझाने ......मगर कोंग्रेस के खिलाफ बाबा रामदेव का समर्थन करेंगे हम .......................
भ्रस्ताचार और ब्लेक मनी के मुद्दे पर बाबा रामदेव के साथ हैं हम ,,,,,,
और 3 जून को प्रशाशन की अनुमति नहीं मिलने पर भी हम दिखा देंगे की हमारी शक्ति क्या है ............................वन्दे मातरम् ,,,भारत माता की जय ...

कुछ हिंदू (?) धर्म के ठेकेदार कल से स्वामी जी को हिंदुत्व का पाठ सिखा रहे हे...पहले यह जान लो की स्वामीजी को किन किन संत महात्मा लोगो ने उनके यह आन्दोलन में समर्थन घोषित किया हे |

सूचि देखलो |
परम पूज्य मोरारी बापू
परम पूज्य श्री श्री रवि शंकर महाराज
परम पूज्य सत्य नित्यानंदजी
परम पूज्य स्वामी अवधेशानंदजी
परम पुज्य स्वामी गोविन्द देवगिरी
परम पूज्य सुधांशु महाराज
परम पूज्य श्री रामेश भाई ओजा
परम पूज्य श्री किरीट भाई ओजा
डॉ. प्रणव पंड्या (गायत्री परिवार )
परम पूज्य आसाराम जी बापू
परम पूज्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती कांची शंकराचार्य.....ऐसे 70 साधू संतो की सूचि हे |

जागो और स्वामी जी को समझो स्वामी रामदेव जी को सभी का समर्थन हासिल है आप अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए स्वामी रामदेव जी पर कीचड न उछालें ...

स्वामी रामदेव का मुस्लिम प्रेम आवश्यकता से अधिक प्रबल होता प्रतीत हो रहा है, मै ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ की ये वैसा ही घातक न हो जैसा महात्मा गाँधी का मुस्लिम प्रेम और हिन्दुओ को अनदेखा करना I आज स्वामी रामदेव जी से सभी प्रेम और सम्मान करते है किन्तु मुस्लिमो से प्रेम सम्बन्ध बढाने से पहले मुस्लिमो के आचरण पर भी एक दृष्टी डालने की आवश्यकता है I अगर सारे मुस्लिम श्रेष्ठ मानसिकता के नहीं हैं तो सारे ख़राब मानसिकता के भी नहीं है, लेकिन मुस्लिमो में ख़राब मानसिकता का प्रतिशत अधिक ही है I वैसे सामान्य बात तो यह है की भले और बुरे लोग सभी कौम में होते है I आज के परिपेक्ष में देखे तो राजनीती में हिन्दुओ की संख्या ही आधिक है और अधिकतार की मानसिकता देश को पूरी तरह से बेच डालने की है , इसलिए किसी पर भी आँख मूंद कर विश्वाश करना गंभीर परिणाम दायक सिद्ध हो सकता है, बाबा के समर्थको को भी धैर्य का परिचय देते हुए बाबा पर विश्वास बनाये रखे क्योकि बाबा जी एक बड़े उद्देश्य के लिए संघर्ष कर रहे है, और कोई भी उद्देश्य बिना सभी के सहयोग के पूरा नहीं हो सकता, अगर बात आरक्षण की करे तो अब तक जिन्हें आरक्षण मिला है उन्हें भी कितना लाभ मिला है अगर अल्पसंख्यको के दलित वर्ग को भी आरक्षण दे भी दिया जाये तो कोई विशेष फायदा होने वाला नहीं है, ये केवल एक राजनीती चमकाने का एक मुद्दा मात्र है, यदि काला धन देश को मिलता है तो सभी को सामान शिक्षा- समान रोजगार- किसानो-मजदूरो को श्रम का उचित मूल्य मिल सकेगा I किसी को भी आरक्षण की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी I आज देश हित में सभी मजहब-वर्ग-जाती के लोगो को एक जुट हो कर देश को लुटेरो के चुंगल से छुड़ाने का प्रयास करना ही श्रेष्ट है

Sanjay Singh
सभी मित्रों को ये बताते हुए, मुझे कतई अफ़सोस नही हो रहा कि मैं आरक्षण के मुद्दे पर बाबा रामदेव जी का विरोध करता रहूँगा... क्युकी मेरा मानना है कि भारत से आरक्षण पूर्ण रूप से समाप्त होना चाहिए...
और अन्य राष्ट्रवादी मुद्दों पर मैं उनका समर्थन करता था, करता हूँ और करता रहूँगा... बाबा रामदेव से सब शंकाएं दूर कर ली गयी हैं... अब सब स्थिति सामान्य है...
मैं अपने आदर्शों, सिद्धांतों और राष्ट्रवादी नीतियों से कोई समझौता नही कर सकता...
मैं किसी व्यक्ति, पार्टी या संगठन का अंध समर्थक नही हूँ... माँ भारती का सेवक हूँ...
जो सत्य होगा, उचित होगा हमेशा लिखा जाएगा...
'राष्ट्र सर्वप्रथम सर्वोपरि'
वन्दे मातरम्...

Neeraj Pratap Yadav 

जो सत्य होगा, उचित होगा हमेशा लिखा जाएगा... बात बिलकुल सही है पर लिखने का समय सही होना चाहिए. अगर कांग्रेस को हराना है तो कूटनीति सीखनी पड़ेगी नहीं तो हमारा जो हाल कांग्रेस ने किया है ऐसे ही आगे भी करती रहेगी. इस समय धर्म जात ये सब मायने नहीं रखता, मायने रखता है सिर्फ और सिर्फ सोनिया का जाना. 

Sanjay Singh
मेरे मित्रों !
मैं बाबा रामदेव जी के साथ था और हमेशा रहूँगा। एक दो दिन से जिस कारण से मुझे लगा की बाबा जी ने हिन्दुओ के साथ गद्दारी की है उसके लिए सिर्फ मैं ही दोषी हूँ। मैं बाबा जी को समझ नहीं पाया, मैंने सोचा था की बाबा जी ने धार्मिक आरक्षण की वकालत की है, और सब जगह यही अफवाह उड़ रही थी, बाबा जी से प्रेम करने वाले मेरे कई मित्र बाबा जी के खिलाफ अनाप शनाप लिख रहे थे।
मैं अपने सभी मित्रों से कहना चाहूँगा की बाबा जी ने धार्मिक आरक्षण की वकालत नहीं की हैं, बाबा जी ने सिर्फ दलित मुस्लिमों और दलित इसाइयों को आरक्षण देने की बात काही थी जो की धर्म आधारित नहीं है, और सही भी है।
परम पुजनीय बाबा जी तो हमेशा से यही कहते आए हैं की जिस दिन देश का काला धन वापस आ जाएगा उस दिन देश मे इसी को भी आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बाबाजी की तुलना हरामखोर सलमान खुर्शीद से करना बहुत गलत बात है। सलमान खुर्शीद तो धर्म आधारित आरक्षण मांग रहा था, जबकि बाबा जी ने ऐसा कुछ नहीं किया।
मेरे मित्रों बाबा जी ने कहा की दलतिओन को आरक्षण मिलना चाहिए चाहे वो किसी भी धर्म का हो, लेकिन कांग्रेसीयों ने बाबा जी के चाहने वालों मे इस बात को ऐसा फैलाया की उन्हे यह लगे जैसे बाबा जी धर्म आधारित आरक्षण मांग रहे हो।
दलित मुसलमानों को आरक्षण दिए जाने की मांग करते हुए बाबा रामदेव ने कहा था कि धर्म के आधार पर हिंदू और मुस्लिमों में भेद नहीं किया जा सकता।
बाबा ने कहा था की दलित तो दलित होता है, चाहे हिंदू हो, ईसाई हो या मुसलमान हो, अब इन बातों मे कहाँ पर बाबा ने धर्म आधारित आरक्षण मांगा?
मित्रों हिन्दू हमेशा से ऐसे ही चालो और जालों मे फँसता नजर आया है, अपने आपको समझने का वक़्त है।
बाबा जी देश का गौरव है,
और मेरा विश्वास सदैव उनमे बना रहेगा। 

अमर शहीद राजीव भाई ने जो हमे भारत स्वाभिमान संगठन की सबसे मुख्य शर्त बताई थी वो है निजी जीवन मे हम हिंदू मुसलमान हो सकते है परंतु सार्वजनिक जीवन मे हमारा एक राष्ट्र धर्म होगा जो की भारतीय होगा !भारत स्वाभिमान को अस्फाक ख़ान उल्ला जी की भी उतनी ही ज़रूरत है जितनी भगत सिंह जी की है !हे मा भारती के वीर सपुतो अब बाबा रामदेव जी ने पन्च्जन्य सन्ख से सिंघनाद कर दिया है भ्रष्टाचार नामक जयद्रथ का अंत सुनिश्चित है!वंदेमातरम!

फेसबुक मीडिया
अगर भारत स्वाभिमान आन्दोलन की सफलता से देश का लूटा हुआ ४०० लाख करोड़ रुपये का काला धन वापस देश में आ गया तो वो वह धन बाबा रामदेव को नहीं इस देश के गरीब जनता को मिलेगा। आज एक तरफ देश की जनता भूख से मर रही है और दूसरी तरफ कांग्रेस और गाँधी परिवार ४०० लाख करोड़ रुपये विदेशो में जमा करके रखे हुए है। कांग्रेस कभी नहीं चाहेगी की वो धन वापस आये देश की गरीब जनता को मिले और भारत इटालियन विदेशी महिला और गाँधी परिवार के गुलामी से बाहर आये। इसलिए यह कांग्रेसी आपको हमेशा गुलाम रखने के लिए भारत स्वाभिमान आन्दोलन से दूर करने का कुचक्र चला रहे है।