Neeraj Pratap Yadav
Swapnil Kumar
फेसबुक पर आमिर खान के समर्थक ( मैं विरोधी नहीं हूँ) आमिर को पूज रहे हैं. अगर आप दस पोस्ट पढेंगे तो लगभग सबमें यही हाल हैं. होना तो ये चाहिए कि बातें कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ हो. उन मुद्दों पर विमर्श हो जो इसके लिए जिम्मेदार हैं. जैसे पुरुष प्रधान समाज, सामंतवाद आखिर आमिर भी कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जागरूक करना चाहते हैं. लेकिन वही हो रहा हैं जो और लोगो के साथ हुआ.
मैं भी सोच रहा हूँ कोई बाबा वाबा बन जाऊ...
अंशुमाली रस्तोगी
आमिर खान के 'सत्यमेव जयते' को मैंने नहीं देखा, न ही देखने की कोई तमन्ना है..हां, भारी मात्रा में इस पर प्रतिक्रियाएं अवश्य पढ़ चुका हूं, अधिकतर प्रशंसा में हैं..
क्या इसे बिडवंना नहीं माना जाना चाहिए कि जब 'सत्यमेव जयते' हमारी निगाहों में चढ़ा, तब ही हम जान-समझ पाए भ्रूण हत्या का असली सच, क्या इससे पहले यह हमारे संज्ञान में नहीं था या फिर इसे हम 'सब होता है-सब चलता है' कहकर टाले जा रहे थे..
भ्रूण हत्या का पाप बरसों से हमारे सभ्य में घटित हो रहा है और इसमें पढ़े-लिखे वर्ग की भागीदारी भी ठीक उतनी ही है जितनी की बे-पढ़े लिखे वर्ग की..लेकिन हम तिस पर भी कहां चेते हैं..परिवारों में आज भी कन्या के जन्म लेने पर 'अफसोस' किया और 'मातम' मनाया जाता है..हालांकि इसके खिलाफ समय-समय पर आवाजें भी उठी हैं मगर उन आवाजों पर हम ध्यान शायद इसलिए नहीं दे पाए क्योंकि वो आमिर खान के 'सत्यमेव जयते' जितनी बड़ी नहीं थीं..अफसोस बहुत सी आवाजों को तो उठने से पहले ही दबा दिया गया..
बेशक, कहने को हम आधुनिक और निरंतर बदलते हुए समाज हैं लेकिन बेटियों के मामले में हम आज भी तरह-तरह की 'परंपरागत मूढ़ताओं' से ग्रस्त हैं..वाह! एक आमिर खान के दिखाने पर हम अब समझे, अब जागे तो क्या इससे पहले सो रहे थे..
बहरहाल, लगा हो बहुतों को 'सत्यमेव जयते' सत्य के बेहद करीब पर इसमें टीआरपी का खेल भी उतना ही शामिल है, अब इसे हमारा क्रांतिकारी मीडिया या प्रतिक्रियावादी मानें या न मानें, यह उन पर..
Arvind Geetesh
सत्यमेव जयते आमिर खान का कार्यक्रम देखा कन्या भूर्ण हत्या पर ,लेकिन इस कार्यक्रम में आमिर खान उस नतीजे तक नहीं पहुचे की कन्या भूर्ण हत्या क्यों हो रही है , हम बताते है आपको कन्या भूर्ण हत्या के पीछे हमारी भारत सरकार और भारत के आधीन हर राज्य की सरकारे दोषी है, दोषी है वो असय्भ इन्सान जो कन्या होने के नाम से ही भयभीत हो जाता है .असुरक्षा की भावना और संसार में बैठे दानव जो महिला को सिर्फ एक ही निगाहों से देखते है । दहेज और छेढ़छाढ़ का डर आम गरीब लोगो में रहता है, कन्या भूर्ण हत्या भारत में ही नहीं संसार भर में होती है
आमिर खान की सक्रियता कन्या भ्रूण हत्या के मामले काबिले तारीफ है ...उन्होंने ये साबित कर दिया की .....वो उन अभिनेताओ में से नही जो की अपनी फ़ीस ली कहानी ख़त्म ........ वो जिस तरह का प्रयास शुरू किया है ...वो जरुर रंग लायेगा उनकी ये कोशिश लोगो को अपने अन्दर झाकने पर मजबूर करेगा ....इस कार्यक्रम के निर्माता -निर्देशक बधाई के पात्र है जिन्होंने इस सामाजिक समस्या को उठाया ...और इस के दुष्प्रभावो से अवगत कराया
नित्यानंददास महंत
कल स्टार न्यूज़ पर क्या "आमिर बदलेगा भारत "नाम से बहेस चली थी?
एक सवाल उस बात को लेकर.
अपनी पहेली पत्नी रीना सिंग का कोई दोष न होते हुए और बच्चो को छोड़कर आप दूसरी शादी कर लो यह आपका पर्सनल मुद्दा है, मगर जब आप सत्यमेव जयते शो के माध्यम से देश की सामाजिक गंभीर समस्या के पहेलु विक्टिम को मंच पर लाकर रखते हो. तो इस देश में निरपराध पत्नी को छोड़ देना भी एक सामाजिक समस्या है. और आप जैसे रोल मॉडल यानि भारत बदलने वाले आइकोन जब ऐसा करे तो क्या असर मिलेगा भारत को.
Indian Youth 4 Change (IY4C)'s photo
आज भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक नयी शुरुआत हुई है आमिर खान द्वारा “सत्यमेव जयते” सीरियल के माध्यम से जिसका प्रसारण आज सुबह 11 बजे स्टार प्लस और दूरदर्शन पर हुआ जिसे इस देश में एक क्रांति कहा जा सकता है जिसको आवाज़ दे रहे हैं आमिर खान जिन्होंने रंग दे बसंती मूवी में अपने अभिनय से लोगों में जोश भर दिया था .
आज के प्रसारण में दिखाया गया की हमारे देश में किस तरह से लड़कियों की भ्रूण हत्या बड़ी ही अमानवीय तरीके से कि जा रही है.
इसमें बताया गया है की जयपुर , राजस्थान के दो पत्रकार श्री शक्तावत जी और मीना जी ने 100 से अधिक डाक्टरों का स्टिग आपरेशन किया जो पैसे लेकर अवैध रुप से लिंग परीक्षण कर कन्या भ्रूण हत्या करते है ,
मीडिया मे इस को दिखाया गया , कोर्ट मे मामला दर्ज करवाया
इस स्टिग आपरेशन मे राजस्थान, हरियाणा , दिल्ली के चिकित्सको , स्त्री रोग विशेषज्ञ , महिला चिकित्सको को यह कहते दिखाया गया है
"2000 रुपये दे दो काम हो जायेगा"
सफाई के बाद निकलेगा भ्रूण उसका क्या होगा "
इस पर डाक्टर की आवाज आती है ' यमुना मे फेंक देगे'
विडियो मे कई जगह आवाज आती है , हमे मतलब नही है ले जाओ हमने तो सफाई कर दी चाहे तो नगरपालिका के कचरादान मे डाल दो या कही कूढे के ढेर में फेक दो " ।
Swapnil Kumar
फेसबुक पर आमिर खान के समर्थक ( मैं विरोधी नहीं हूँ) आमिर को पूज रहे हैं. अगर आप दस पोस्ट पढेंगे तो लगभग सबमें यही हाल हैं. होना तो ये चाहिए कि बातें कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ हो. उन मुद्दों पर विमर्श हो जो इसके लिए जिम्मेदार हैं. जैसे पुरुष प्रधान समाज, सामंतवाद आखिर आमिर भी कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जागरूक करना चाहते हैं. लेकिन वही हो रहा हैं जो और लोगो के साथ हुआ.
मैं भी सोच रहा हूँ कोई बाबा वाबा बन जाऊ...
अंशुमाली रस्तोगी
आमिर खान के 'सत्यमेव जयते' को मैंने नहीं देखा, न ही देखने की कोई तमन्ना है..हां, भारी मात्रा में इस पर प्रतिक्रियाएं अवश्य पढ़ चुका हूं, अधिकतर प्रशंसा में हैं..
क्या इसे बिडवंना नहीं माना जाना चाहिए कि जब 'सत्यमेव जयते' हमारी निगाहों में चढ़ा, तब ही हम जान-समझ पाए भ्रूण हत्या का असली सच, क्या इससे पहले यह हमारे संज्ञान में नहीं था या फिर इसे हम 'सब होता है-सब चलता है' कहकर टाले जा रहे थे..
भ्रूण हत्या का पाप बरसों से हमारे सभ्य में घटित हो रहा है और इसमें पढ़े-लिखे वर्ग की भागीदारी भी ठीक उतनी ही है जितनी की बे-पढ़े लिखे वर्ग की..लेकिन हम तिस पर भी कहां चेते हैं..परिवारों में आज भी कन्या के जन्म लेने पर 'अफसोस' किया और 'मातम' मनाया जाता है..हालांकि इसके खिलाफ समय-समय पर आवाजें भी उठी हैं मगर उन आवाजों पर हम ध्यान शायद इसलिए नहीं दे पाए क्योंकि वो आमिर खान के 'सत्यमेव जयते' जितनी बड़ी नहीं थीं..अफसोस बहुत सी आवाजों को तो उठने से पहले ही दबा दिया गया..
बेशक, कहने को हम आधुनिक और निरंतर बदलते हुए समाज हैं लेकिन बेटियों के मामले में हम आज भी तरह-तरह की 'परंपरागत मूढ़ताओं' से ग्रस्त हैं..वाह! एक आमिर खान के दिखाने पर हम अब समझे, अब जागे तो क्या इससे पहले सो रहे थे..
बहरहाल, लगा हो बहुतों को 'सत्यमेव जयते' सत्य के बेहद करीब पर इसमें टीआरपी का खेल भी उतना ही शामिल है, अब इसे हमारा क्रांतिकारी मीडिया या प्रतिक्रियावादी मानें या न मानें, यह उन पर..
Arvind Geetesh
सत्यमेव जयते आमिर खान का कार्यक्रम देखा कन्या भूर्ण हत्या पर ,लेकिन इस कार्यक्रम में आमिर खान उस नतीजे तक नहीं पहुचे की कन्या भूर्ण हत्या क्यों हो रही है , हम बताते है आपको कन्या भूर्ण हत्या के पीछे हमारी भारत सरकार और भारत के आधीन हर राज्य की सरकारे दोषी है, दोषी है वो असय्भ इन्सान जो कन्या होने के नाम से ही भयभीत हो जाता है .असुरक्षा की भावना और संसार में बैठे दानव जो महिला को सिर्फ एक ही निगाहों से देखते है । दहेज और छेढ़छाढ़ का डर आम गरीब लोगो में रहता है, कन्या भूर्ण हत्या भारत में ही नहीं संसार भर में होती है
आमिर खान की सक्रियता कन्या भ्रूण हत्या के मामले काबिले तारीफ है ...उन्होंने ये साबित कर दिया की .....वो उन अभिनेताओ में से नही जो की अपनी फ़ीस ली कहानी ख़त्म ........ वो जिस तरह का प्रयास शुरू किया है ...वो जरुर रंग लायेगा उनकी ये कोशिश लोगो को अपने अन्दर झाकने पर मजबूर करेगा ....इस कार्यक्रम के निर्माता -निर्देशक बधाई के पात्र है जिन्होंने इस सामाजिक समस्या को उठाया ...और इस के दुष्प्रभावो से अवगत कराया
नित्यानंददास महंत
कल स्टार न्यूज़ पर क्या "आमिर बदलेगा भारत "नाम से बहेस चली थी?
एक सवाल उस बात को लेकर.
अपनी पहेली पत्नी रीना सिंग का कोई दोष न होते हुए और बच्चो को छोड़कर आप दूसरी शादी कर लो यह आपका पर्सनल मुद्दा है, मगर जब आप सत्यमेव जयते शो के माध्यम से देश की सामाजिक गंभीर समस्या के पहेलु विक्टिम को मंच पर लाकर रखते हो. तो इस देश में निरपराध पत्नी को छोड़ देना भी एक सामाजिक समस्या है. और आप जैसे रोल मॉडल यानि भारत बदलने वाले आइकोन जब ऐसा करे तो क्या असर मिलेगा भारत को.
Indian Youth 4 Change (IY4C)'s photo
आज भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक नयी शुरुआत हुई है आमिर खान द्वारा “सत्यमेव जयते” सीरियल के माध्यम से जिसका प्रसारण आज सुबह 11 बजे स्टार प्लस और दूरदर्शन पर हुआ जिसे इस देश में एक क्रांति कहा जा सकता है जिसको आवाज़ दे रहे हैं आमिर खान जिन्होंने रंग दे बसंती मूवी में अपने अभिनय से लोगों में जोश भर दिया था .
आज के प्रसारण में दिखाया गया की हमारे देश में किस तरह से लड़कियों की भ्रूण हत्या बड़ी ही अमानवीय तरीके से कि जा रही है.
इसमें बताया गया है की जयपुर , राजस्थान के दो पत्रकार श्री शक्तावत जी और मीना जी ने 100 से अधिक डाक्टरों का स्टिग आपरेशन किया जो पैसे लेकर अवैध रुप से लिंग परीक्षण कर कन्या भ्रूण हत्या करते है ,
मीडिया मे इस को दिखाया गया , कोर्ट मे मामला दर्ज करवाया
इस स्टिग आपरेशन मे राजस्थान, हरियाणा , दिल्ली के चिकित्सको , स्त्री रोग विशेषज्ञ , महिला चिकित्सको को यह कहते दिखाया गया है
"2000 रुपये दे दो काम हो जायेगा"
सफाई के बाद निकलेगा भ्रूण उसका क्या होगा "
इस पर डाक्टर की आवाज आती है ' यमुना मे फेंक देगे'
विडियो मे कई जगह आवाज आती है , हमे मतलब नही है ले जाओ हमने तो सफाई कर दी चाहे तो नगरपालिका के कचरादान मे डाल दो या कही कूढे के ढेर में फेक दो " ।