Monday, May 7, 2012

आमिर खान के रियालिटी शो सत्यमेव जयते पर तरह तरह के बयां आयें हैं जनता से.

Neeraj Pratap Yadav
सत्यमेव जयते पर बहुत हो हल्ला है, कमेन्ट पर कमेन्ट हैं. अगर जो दिखाया जा रहा है वो एक समस्या है, मुद्दा है तो उसका स्वागत होना चाहिए पर जनता को ऐसे लोगों को सर पर नहीं बिठाना चाहिए. जो मुद्दा उठा रहा है वो पैसे बनाने के लिए उठा रहा है इसमें कोई शक नहीं पर अच्छी बात ये है मुद्दे उठाकर भी पैसे बनाये जा सकते हैं.

जाने कितने फ़िल्मकार ओर एक्टर ऐसे हैं जो गलत ओर बकबास चीजें बना रहे हैं ओर पैसे भी कमा रहे हैं. महेश भट्ट जैसे लोग हमेशा गन्दगी से पैसा बनाते हैं ऐसे लोग बहुत बड़ी समस्या हैं. बाकि किसी भी फिल्मस्टार से उम्मीद करना की वो जो सीरियल ओर फिल्मों में बोल रहा है वही सच में करे ओर मुद्दों को लेकर आन्दोलन करने लगे ऐसा सोचना गलत है.

Swapnil Kumar
फेसबुक पर आमिर खान के समर्थक ( मैं विरोधी नहीं हूँ) आमिर को पूज रहे हैं. अगर आप दस पोस्ट पढेंगे तो लगभग सबमें यही हाल हैं. होना तो ये चाहिए कि बातें कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ हो. उन मुद्दों पर विमर्श हो जो इसके लिए जिम्मेदार हैं. जैसे पुरुष प्रधान समाज, सामंतवाद आखिर आमिर भी कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जागरूक करना चाहते हैं. लेकिन वही हो रहा हैं जो और लोगो के साथ हुआ.
मैं भी सोच रहा हूँ कोई बाबा वाबा बन जाऊ...


अंशुमाली रस्तोगी
आमिर खान के 'सत्यमेव जयते' को मैंने नहीं देखा, न ही देखने की कोई तमन्ना है..हां, भारी मात्रा में इस पर प्रतिक्रियाएं अवश्य पढ़ चुका हूं, अधिकतर प्रशंसा में हैं..
क्या इसे बिडवंना नहीं माना जाना चाहिए कि जब 'सत्यमेव जयते' हमारी निगाहों में चढ़ा, तब ही हम जान-समझ पाए भ्रूण हत्या का असली सच, क्या इससे पहले यह हमारे संज्ञान में नहीं था या फिर इसे हम 'सब होता है-सब चलता है' कहकर टाले जा रहे थे..
भ्रूण हत्या का पाप बरसों से हमारे सभ्य में घटित हो रहा है और इसमें पढ़े-लिखे वर्ग की भागीदारी भी ठीक उतनी ही है जितनी की बे-पढ़े लिखे वर्ग की..लेकिन हम तिस पर भी कहां चेते हैं..परिवारों में आज भी कन्या के जन्म लेने पर 'अफसोस' किया और 'मातम' मनाया जाता है..हालांकि इसके खिलाफ समय-समय पर आवाजें भी उठी हैं मगर उन आवाजों पर हम ध्यान शायद इसलिए नहीं दे पाए क्योंकि वो आमिर खान के 'सत्यमेव जयते' जितनी बड़ी नहीं थीं..अफसोस बहुत सी आवाजों को तो उठने से पहले ही दबा दिया गया..
बेशक, कहने को हम आधुनिक और निरंतर बदलते हुए समाज हैं लेकिन बेटियों के मामले में हम आज भी तरह-तरह की 'परंपरागत मूढ़ताओं' से ग्रस्त हैं..वाह! एक आमिर खान के दिखाने पर हम अब समझे, अब जागे तो क्या इससे पहले सो रहे थे..
बहरहाल, लगा हो बहुतों को 'सत्यमेव जयते' सत्य के बेहद करीब पर इसमें टीआरपी का खेल भी उतना ही शामिल है, अब इसे हमारा क्रांतिकारी मीडिया या प्रतिक्रियावादी मानें या न मानें, यह उन पर..



Arvind Geetesh
सत्यमेव जयते आमिर खान का कार्यक्रम देखा कन्या भूर्ण हत्या पर ,लेकिन इस कार्यक्रम में आमिर खान उस नतीजे तक नहीं पहुचे की कन्या भूर्ण हत्या क्यों हो रही है , हम बताते है आपको कन्या भूर्ण हत्या के पीछे हमारी भारत सरकार और भारत के आधीन हर राज्य की सरकारे दोषी है, दोषी है वो असय्भ इन्सान जो कन्या होने के नाम से ही भयभीत हो जाता है .असुरक्षा की भावना और संसार में बैठे दानव जो महिला को सिर्फ एक ही निगाहों से देखते है । दहेज और छेढ़छाढ़ का डर आम गरीब लोगो में रहता है, कन्या भूर्ण हत्या भारत में ही नहीं संसार भर में होती है


आमिर खान की सक्रियता कन्या भ्रूण हत्या के मामले काबिले तारीफ है ...उन्होंने ये साबित कर दिया की .....वो उन अभिनेताओ में से नही जो की अपनी फ़ीस ली कहानी ख़त्म ........ वो जिस तरह का प्रयास शुरू किया है ...वो जरुर रंग लायेगा उनकी ये कोशिश लोगो को अपने अन्दर झाकने पर मजबूर करेगा ....इस कार्यक्रम के निर्माता -निर्देशक बधाई के पात्र है जिन्होंने इस सामाजिक समस्या को उठाया ...और इस के दुष्प्रभावो से अवगत कराया


नित्यानंददास महंत
कल स्टार न्यूज़ पर क्या "आमिर बदलेगा भारत "नाम से बहेस चली थी?
एक सवाल उस बात को लेकर.
अपनी पहेली पत्नी रीना सिंग का कोई दोष न होते हुए और बच्चो को छोड़कर आप दूसरी शादी कर लो यह आपका पर्सनल मुद्दा है, मगर जब आप सत्यमेव जयते शो के माध्यम से देश की सामाजिक गंभीर समस्या के पहेलु विक्टिम को मंच पर लाकर रखते हो. तो इस देश में निरपराध पत्नी को छोड़ देना भी एक सामाजिक समस्या है. और आप जैसे रोल मॉडल यानि भारत बदलने वाले आइकोन जब ऐसा करे तो क्या असर मिलेगा भारत को.


Indian Youth 4 Change (IY4C)'s photo
आज भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक नयी शुरुआत हुई है आमिर खान द्वारा “सत्यमेव जयते” सीरियल के माध्यम से जिसका प्रसारण आज सुबह 11 बजे स्टार प्लस और दूरदर्शन पर हुआ जिसे इस देश में एक क्रांति कहा जा सकता है जिसको आवाज़ दे रहे हैं आमिर खान जिन्होंने रंग दे बसंती मूवी में अपने अभिनय से लोगों में जोश भर दिया था .
आज के प्रसारण में दिखाया गया की हमारे देश में किस तरह से लड़कियों की भ्रूण हत्या बड़ी ही अमानवीय तरीके से कि जा रही है.
इसमें बताया गया है की जयपुर , राजस्थान के दो पत्रकार श्री शक्तावत जी और मीना जी ने 100 से अधिक डाक्टरों का स्टिग आपरेशन किया जो पैसे लेकर अवैध रुप से लिंग परीक्षण कर कन्या भ्रूण हत्या करते है , 
मीडिया मे इस को दिखाया गया , कोर्ट मे मामला दर्ज करवाया 

इस स्टिग आपरेशन मे राजस्थान, हरियाणा , दिल्ली के चिकित्सको , स्त्री रोग विशेषज्ञ , महिला चिकित्सको को यह कहते दिखाया गया है 
"2000 रुपये दे दो काम हो जायेगा" 
सफाई के बाद निकलेगा भ्रूण उसका क्या होगा " 
इस पर डाक्टर की आवाज आती है ' यमुना मे फेंक देगे'
विडियो मे कई जगह आवाज आती है , हमे मतलब नही है ले जाओ हमने तो सफाई कर दी चाहे तो नगरपालिका के कचरादान मे डाल दो या कही कूढे के ढेर में फेक दो " । 


हम एक बड़े विचित्र दौर में जी रहे हैं. जहाँ पूर्वाग्रह तैयार बैठा हैं आपने अगर मुँह खोला नहीं की आप दोषी ठहरा दिए जायेंगे. आप एक लाइन बोलिए और फिर उसकी सफाई में चार लाइन अतिरिक्त बोलिए. फिर भी आप आश्वस्त नही हो सकते की आप पर फिर कोई आरोप न लगा दिया जाय. आपके मौलिक विचार पर रायता न फेर दिया जाए.
लोग सुनना ही नही चाहते हैं. आश्चर्य इस बात का हैं कि लोग छोटी छोटी चीजो को अपनी अस्मिता से जोड़ देते हैं
मुझे आमिर खान और उनके शो से कोई शिकायत नहीं हैं. लेकिन विरोध जिस बात को लेकर हैं. वह अपनी जगह यथावत हैं.

Globallink Link
राजस्थान के दो पत्रकार श्री शक्तावत जी और मीना जी ने 100 से अधिक डाक्टरों का स्टिग आपरेशन किया जो पैसे लेकर अवैध रुप से लिंग परीक्षण कर कन्या भ्रूण हत्या करते है , मीडिया मे इस को दिखाया गया , कोर्ट मे मामला दर्ज करवाया इस स्टिग आपरेशन मे राजस्थान, हरियाणा , दिल्ली के चिकित्सको , स्त्री रोग विशेषज्ञ , महिला चिकित्सको को यह कहते दिखाया गया है "2000 रुपये दे दो काम हो जायेगा" सफाई के बाद निकलेगा भ्रूण उसका क्या होगा " इस पर डाक्टर की आवाज आती है ' यमुना मे फेंक देगे' विडियो मे कई जगह आवाज आती है , हमे मतलब नही है ले जाओ हमने तो सफाई कर दी चाहे तो नगरपालिका के कचरादान मे डाल दो या कही कूढे के ढेर में फेक दो "
अब तक एक भी डाक्टर पर कार्यवाही नही हुई है उल्टे सारे केस अलग - अलग जिलों मे दर्ज कर इन पत्रकारो को हर पेशी पर भटकने की सजा दी है , पिछले सात साल ये पत्रकार इस मुहिम में जुटे है , इस सच्चाई को बताते वक्त इनके आंखो में दर्द उभर आया था , गीली आंखो से कहा " राजस्थान सरकार ने उन डाक्टरों पर कोई कार्यवाही नही की उल्टे हमे सजा मिल रही है हम राजस्थान के हर जिले में अलग अलग इन केसो के पेशी में जाने को मजबूर है जबकी मामला एक ही है , सभी जगह एक सा
जनता से ये अपील की गई की राजस्थान सरकार को पत्र लिखे की " श्री शक्तावत जी और मीना जी ने कन्या भ्रूण हत्या करने वाले 100 से अधिक डाक्टरों के स्टिग आपरेशन की वजह से दर्ज हुये कन्या भ्रूण हत्या के सारे केस एक ही जगह सुने जाये और इस मामले पर विशेष फास्ट ट्रेक कोर्ट का गठन किया जाये

Arvind Sharma
ऐसा लग रहा है जैसे "सत्यमेव जयते" की खोज या आविष्कार आमिर खान ने ही किया है, दो दिनों से अखबार और टीवी वाले बौरा गए हैं. 
ये एक व्यावसायिक कार्यक्रम है और आमिर खान ने एक सफल व्यापारी की तरह अपने प्रोडक्ट को बेचा है, लेकिन इसे देशभक्ति और एक नई क्रांति से जोड़ा जा रहा है.
क्या लुक्कागीरी है. 
अगर आमिर इतने ही जागरूक हैं तो गौ हत्या के ऊपर कार्यक्रम बनायें ?
उन महिलाओं के ऊपर कार्यक्रम बनायें, जिनको उनके पतियों ने छोड़ दिया है और दूसरी शादी कर ली है. जिसमें आमिर खान को पहला एपिसोड अपनी पत्नी रीना के ऊपर फिल्माना चाहिए. 
अनिल गुप्ता
जो महीलाओ और कन्या के बारे में जागरूक करने का दंभ भर रहा है वो खुद अपनी पत्नी को मन भर जाने के बाद छोड़ कर दूसरी लड़की से विवहा कर चूका है............!
सत्यमेव जयतेव भारत सरकार का शब्द है आखिर कितने पैसो में बेचा है ये शब्द भारत सरकार ने विदेशी कम्पनीयों (दलालो) को

आमिर के प्रयास का विरोध मत कीजिये विरोध कीजिये जनता कि मानसिकता का. क्योकि आमिर में ने कोई नयी बात नहीं की हैं.
और अगर आमिर के प्रयास से वाकई कुछ सकारात्मक होता हैं. हालत बदलते हैं तो यह स्वागत योग्य हैं. नहीं तो रंग दे बसंती कि तरह हाल होगा लोग जागेगे सिस्टम को कोसेंगे और फिर सो जायेंगे. हर बार जगाने के लिए और अधिक मेहनत कि जरूरत पड़ेगी. धीरे धीरे वो संवेदना शून्य होते जायेंगे. जब तक हर व्यक्ति अपनी भूमिका तय नहीं करता.

मित्रों , छतीस से अडतालीस घंटे बीत चुके है 'सत्या मेव जयते' प्रोग्राम को टीवी पर आये हुए क्या कोई एक्शन लिया गया |

सत्यमेव जयते देखने के बाद फेसबुक पर काफी मित्रों ने पोस्ट की एक रैली सी लगा दी है| सच है कन्या भ्रूण-हत्या समाज मे अभिशाप है, पहचान है नारी-अपमान, अत्याचार एवं शोषण की परन्तु इस मे केवल माता पिता की मानसिकता का नाम लेकर समाज मे व्याप्त अमानवीय, अनैतिक रीती रिवाजों को कोसने मे सब को डर लग रहा है| लोग सच को सुनना नहीं चाहते, पर एक सच यह भी है भ्रूण-हत्या का एक कारण गर्भ निरोधक की सही जानकारी न होना भी है| अब इसमें दोष न आपका है न मेरा, इसमें तो सरकार के ही दोष है जो हज़ार करोडो खर्च करने के बाद भी प्रचार के नाम पर दूरदर्शन क सहारा लेकर देश बदलने चली है

Er Vishal Goyal
तुरंत ध्यान दे *** आमिर का TRP शो *** इसे कहते हैं टीआरपी की भूख में प्रोफेसनिस्ट का शातिरनामा। इस शख्स का नाम है हरीश अय्यर जिसे आपने परसों 'सत्यमेव जयते' के बाल शोषण पर आधारित एपिसोङ मे देखा होगा। जहाँ ये खुद को बाल शोषण का शिकार बता खुद के साथ लगातार 11 साल हुये बलात्कार के बारे मे बता रहा था लेकिन गत 29 अप्रैल को IBN7 के शो "ZINDAGI LIVE" मे खुद को 'गे' बताते हुये कहता है कि मुझे गर्व है कि "मै समलैँगिक हुँ" और इस फैसले में मेरे परिवार वाले भी साथ है।http://youtu.be/wMBmw7FMDi4 . . . . आखिर क्या सच है...दो शो, एक शख्स लेकिन बातें अलग-अलग या ये सब फंडा भोली भाली जनता को पागल बना मात्र TRP बटोरने के लिये है। मैं पहले भी कह चुका हुँ हमें क्रिकेट मे भगवान और फिल्म स्टार्स मे समाज सेवक की तलाश बँद कर देनी चाहिये। साभार: पत्रकार आवेश तिवारी क्या आप सोचते है की इस पैसे के खेल (TRP) से लोग सुधर जायेंगे ? ? ? 

सच्चे नायकों को आगे लाइए - देविन्दर शर्मा