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Saturday, February 15, 2014

केन्द्र के चुनावों मे छोटे क्षेत्रीय दलों को वोट ना दें.

सबसे पहले थोडा ये देखना पडेगा की चुनाव होते कैसे हैं। हमारे देश मे अगर मान लीजिये किसी सीट पर 100 वोट हैं और अगर 20 प्रत्याशी लड रहे है अब सबको अगर 18 को 5-5 वोट मिल जायें और 1 को 6, 1 को 4 मिल जायें तो 6 वाले को जीता हुआ माना जता है। जिस प्रत्याशी को 100 मे से केवल 6  लोग पसन्द करते हों वो 100 पर राज़ कैसे कर सकता है। इसका समाधान ये है की 51 वोट जब तक किसी को ना मिल और जिसे सबसे कम वोट मिले हैं उसे उसी चुनाव मे दोबारा लडने पर रोक लगे जाये चुनाव होते रहने चाहिये।

अब जब तक ऐसा नहीं हो जाता ताब तक क्या करें. या तो ऐसे ही चलने दें या फिर जो हम कर सकते हैं वो करें। हम क्या कर सकते हैं?

 जब केन्द्र के चुनाव होते हैं तो सिर्फ अपना अपना देखने से बात नहीं बनती, अभी क्या हो रहा है की हर कोई केन्द्र का चुनाव लड रहा है और कुछ ना कुछ वोट ले रहा है, होता क्या है ऐसे मे की कोई भी जो उस काबिल नहीं है वो उस कुर्सी तक पहुंच सकता है। मान लीजिये हम हर क्षेत्रीय पार्टी को कुछ सीटे जिता दें फिर क्या होगा सब अपस मे लडेंगे, और इसका फायदा बहरी देश उठाएंगे, कभी कोई ठोस निर्णय नहीं हो पायेगा, हमेशा उहापोह की स्थिति बनी  रहेगी।

समस्या ये है की हम हर चीज़ का राजनीतिक समाधान खोजते हैं जबकी बहुत सरी चीज़े समाजिक ज्यादा हैं राज़नीटिक कम। आंदोलन से देश को जितना फायदा होता है खुद चुनाव लडने से नहीं होता. ऐसा नहीं है की चुनाव नहीं लडना चाहिये या पार्टी नहीं बननी चाहिये, ये ठीक है लेकिन अगर कोई अपने क्षेत्र को अपने राज्य को अच्छा शासन नहीं दे पा रहा है और बात देश की करे तो ये भी ठीक नहीं. अगर कोई पार्टी अलग अलग क्षेत्रों मे खुद को सबित करती है तभी उसे केन्द्र के चुनाव मे वोट करना चाहिये।

बात सिर्फ इतनी है की केन्द्र के चुनाव के लिये ट्रैक रेकॉर्ड्स देखना बहुत ही जरूरी है और ये भी जरूरी है की कहीं ये पार्टी सिर्फ किसी एक क्षेत्र तक तो सीमित नहीं है। कम से कम २ अलग अलग क्षेत्रों मे अगर पार्टी ने अच्छा काम किया है तो हम बेशक उसे चुन सकते हैं। अगर हम हर एक को जो कुछ ना कुछ दे देंगे तो संसद मे सिबाय सब्जी मंडी के कुछ नहीं होगा। बिधान सभा और लोक सभा को अलग अलग नज़र से देखा जना चाहिये.

तो ऐसे दल जिन्होंने कम से कम २ राज्यों में सरकार चलाई है और अच्छा काम किया है उसमे से किसी को भी केंद्र के चुनाव में वोट दिया जा सकता है।