Friday, April 27, 2012

सचिन तेंदुलकर के कांग्रेस से राज्यसभा का परचा भरने पर जनता की तीखी प्रतिक्रिया रही.

भारत रत्न की प्यास में सचिन अंधे हो गए हैं जो कांग्रेस के साथ हो लिए. वो भूल गए की भारत में 80% लोग रोज़ 25 रुपये में गुज़ारा कर रहे हैं कांग्रेस की बजह से, लाखों किसान आत्महत्या कर चुके हैं कांग्रेस की बजह से, आतंकबाद बड़ रहा है कांग्रेस की बजह से, मंहगाई ओर भ्रष्टाचार की बजह से आम आदमी मर रहा है कांग्रेस की बजह से. आजादी के बाद की ये सबसे बड़ी भ्रष्ट, निकम्मी ओर अत्याचारी सरकार है. या तो सचिन को ये पता नहीं है या फिर Pepsi और Boost के प्यार में उन्हें भारत के वो लोग दिखाई देना बंद हो गए हैं जिनके पास न तो साफ़ पानी है और न ही दूध जिसमे वे Boost घोल के पी सके ओर कहे: 
Boost is the Secret of My Energy

भारत की जनता अगर सर पे बिठा सकती है तो जमीन पर गिरा भी सकती है.



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कुछ दिन पहले मुकेश अम्बानी ने सचिन तेंदुलकर के १०० शतक पूरा करने के उपलक्ष्य में एक समारोह का आयोजन किया था ,ये बात शायद सभी लोगो को याद होगी1मुकेश अम्बानी बिना मतलब किसी के लिए कोई काम नहीं करता ,फिर उसने सचिन के १०० शतक पर क्यों ये आयोजन किया ? जो लोग इस अम्बानी फॅमिली के बारे में जानते है उन्हें पता है की ये अपना व्यापर कैसे चलाते है ?कांग्रेस पार्टी का सबसे बड़ा फाईनेंनसर है ये बड़ा भैया, आज सचिन का जो नाम कांग्रेस पार्टी राज्य सभा के लिए लेकर आई है वो केवल इसीलिए है क्योकि अम्बानी फॅमिली चाहती है की कांग्रेस 2014 में वापिस आ जाये ताकि उनका व्यापार दिन दूनी रात चोग्नी तरक्की करे ??? (और हमारे देश की आम जनता आम ही रहे) 


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क्रिकेट ,दलाल और राजनीती का रिश्ता तो बहुत पुराना हो गया है ,,,,,अतीत में एक भारतीय क्रिकेट का बहुत ही सफल कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ,,,,जो की बहुत ही बड़ा फिक्सर निकला था..और भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर कर दिया गया था ,,,,उसने कोंग्रेस का दामन पकड़ा और दलाल कुत्तों में एक नाम शामिल हुआ उस वक़्त ,,,,,,,,आज वर्तमान में ,,,एक नाम और जुड़ा...वो इंसान जो क्रिकेट का भगवान् माना जाता था ,,,जिसने रिकार्डों का रिकॉर्ड बनाया,,,उसने एक रिकोर्ड और तोड़ दिया आज ,,,,,अजहर को पीछे छोड़ते हुए ,,,,वो आज क्रिकेट खेलते हुए ही कोंग्रेस में शामिल हो गया ..........और अभी में आपको भविष्य भी बता देता हूँ ,,,,कुछ वक़्त बाद सहवाग भी दिल्ली में कांग्रेस की तरफ से मोर्चा संभाले दिखेंगे ,,,सभी जानते हैं की अभी हाल में सहवाग की बहिन ने कोंग्रेस से टिकट लेकर दिल्ली में चुनाव लड़ा और जीता ,,,जिसमे सहवाग ने भी कोंग्रेस के पक्ष में प्रचार किया ,,,ये दर्ह्सल कोंग्रेस की आत्ममंथन नीति का परिणाम निकल रहा है जो वो चार राज्यों के चुनाव में हारने के बाद और दिल्ली के एमसीडी के चुनाव में हारने के बाद कर रही है और उम्मीद कर रही है की ऐसे लोगों को पार्टी में लाने के बाद वो अपना जनाधार बड़ा सकती है ,,,,,अभी तक तो में भी सचिन को क्रिकेट का भगवन मानता था मगर सचिन ने साबित कर दिया की वो भी दलाल और स्वार्थी क्रिकेटरों की उसी लाइन में खड़ा है जहाँ और खिलाडी खड़े रहते हैं 


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"सचिन की सोनिया गांधी से मुलाकात बताती है कि आज के दौर में'भगवान'को भी खरीदा जा सकता है।"

सचिन जितनी जल्द काग्रेँस की चाल को समझ जाएँ तो उतना ही बेहतर है, जिस तरह से गाँधी परिवार ने 80-90 के दशक मेँ अभिताभ बच्चन की लोकप्रियता का इस्तेमाल खुद के फायदे के लिऐ किया और बोफोर्स घोटाले मेँ अभिताभ बच्चन की बलि, राजीव गाँधी को बचाने के लिऐ चढा दी थी।बेचारे अभिताभ को 25 साल इसकी पीडा झेलनी पडीँ।

आज फिर से गाँधी परिवार की वही हालात है, काँग्रेस जिस राहूल गाँधी को तुरूप का इक्का समझती थी, वो तो जोकर निकला। अब गाँधी परिवार अपना खोया जनाधार सचिन के बहाने पाना चाहता है फिर उन्हेँ भी सोनिया काम निकलने पर दूध से मक्खी की तरह निकाल कर फेँक देगी।

देश सचिन को'भगवान'मानता है और भगवान का शैतानों के साथ मेल जोल गुनाह है। इन सब के बाद भी अगर सचिन गाँधी परिवार का साथ नहीँ छोडते तो क्या ये मना जाए कि ये सारी कवायद'भारत रत्न'पाने के लिये है ?

मित्रों, ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करे, इतना शेयर करे की सचिन की वॉल तक या उनकी नज़रो तक फेसबुक या किसी भी माध्यम से पहुँच जाए। निर्मल बाबा और अभिषेक मनु सिंघवी की तरह फेसबुक पर अपनी तीसरी जीत दर्ज करवाएँ।



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सचिन जितनी जल्द काग्रेँस की चाल को समझ जाऐ तो उतना ही बेहतर है ,जिस तरह से गाँधी परिवार ने 80-90 के दशक मेँ अभिताभ बच्चन की लोकप्रियता का इस्तेमाल खुद के फायदे के लिऐ किया और बोर्फोस घोटाले मेँ अभिताभ की बलि,राजीव गाँधी को बचाने के लिऐ चढा दी थी । बेचारे अभिताभ को 25 साल इसकी पीडा झेलनी पडीँ ।

आज फिर से गाँधी परिवार की वही हालात है , काग्रेस जिस राहूल गाँधी को तुरूप का इक्का समझती थी , वो तो जोकर निकला । अब गाँधी परिवार अपना खोया जानधार सचिन के बहाने पाना चाहता है फिर उन्हेँ भी सोनिया काम निकलने पर दूध से मक्खी की तरह निकाल कर फेँक देगी ।
देश सचिन को 'भगवान' मानता है और भगवान का शैतानो के साथ मेल जोल गुनाह है इन सब के बाद भी अगर सचिन गाँधी परिवार का साथ नहीँ छोडते तो क्या ये मना जाऐ कि ये सारी कवायद भारत रत्न पाने के लिऐ है ???

वैसे इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही सचिन की लोकप्रियता उतार पर है , TWITTER पर ही पिछले दो दिनो मेँ 1.25 लाख लोग Unfollow कर चूके है ।



क्या क्रिकेट का भगवान बनेगा शैतान?
सचिन चुप्पी तोड़ो|
सचिन तेंदुलकर पहले तो विदेशी कंपनियों (पेप्सी-शराब ) का केवल एड ही करता था लेकिन अब तो देश लूटने वालो के साथ मिलकर सामने से चुनौती दे रहा है की मै तो देश लुटवाउंगा और लुटूगा, मेरा क्या बिगड़ लोगे !



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कॉंग्रेस को एसा कोनसा दिन नही गया जब सोशियल साइट पर किसी ना किसी ने गाली नही दी हो लोग सुबह उठते ही पोस्ट के रूप मे दो चार कर ही लेते है ना लिखे तो रोटी ह्ज़म नही होती लेकिन ढीठ(खांग्रेस) कभी सुधरे क्या ? वो तो चर्चा के लिए कभी तो खा जाते है तो कभी कांगीवुड (मदेरना-मनु)की नयी फ्लॉप फिल्म दिखाते है! अब डूबती नाव मे सचिन ? भगवान भला करे एक ओर शहीद होने जा रहा है!!!


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सचिन कोँ राज्यसभा भेज कर सोनिया गाँधी अगर सोँच रही जनता का विश्वास जीत लेगेँ तोँ यह कोरी विश्वास हैँ ।
सचिन खिलाङी है और उन्हे खेलने देना चाहिए ।

जनता भूख से मर रही हैँ
किसान आत्म हत्या कर रहे हैँ बेरोजगारोँ कि फौज जमा हो गयी है
... और सोनिया गाँधी देश कि राजनिती कोँ भटकानेँ कि दुलभ कोशिश कर रही हैँ ।

इतिहास गवाह हैँ एक सुनिल दत्त साहब को छोङ किसी ग्लेमर नामित सांसद ने जनता के लिए कुछ नही किया हैँ बस अपना रुतवा बढाया हैँ ।

शायद किसी समाज सेवक ,कवि ,लेखक या इतिहासकार या शिक्षार्विद को भेजा जाता अगर राज्य सभा तो वे भूखे बेरोजगारो किसानोँ कि अवाज बन जाते और यह सरकार परेशान हो जातीँ ।



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सचिन से काफी लोगों की "भावनाए" जुडी हैं. शुरू से ही क्रिकेट के जरिये लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने वाले सचिन देश के क्रिकेट प्रेमियों के सर चढ़ चुके हैं. और अब जब "राज्य सभा की सदस्यता" की खबर के कारण सचिन के नाम पर इतने विवाद शुरू हो गए तो जाहिर हैं इन प्रेमियों को जरुर अघात पहुंचेगा. लेकिन इनके लिए एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूँ की खेल अपनी जगह हैं और देश अपनी जगह हैं. खेल देश से जुड़ा हुवा है लेकिन देश खेल से नहीं. माना की सचिन ने देश का नाम "क्रिकेट" में रोशन किया हैं लेकिन आज देश द्रोहियों के जरिये अगर राजनीति करना चाहेंगे तो उनके लिए मुश्किल अवश्य होगी...यह नहीं कहता की वे राजनीती में नहीं आये... अवश्य आये यह देश के लिए अच्छी बात भी होगी लेकिन आने से पहले देश-प्रेमी और देश-द्रोहियों में फर्क समझ कर आये.


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मेरे मन को भाया मैं कुत्ता काट के खाया ,,, हम से लड़ने की हिम्मत तो ले आओगे मगर कमीनापन कहाँ से लाओगे ? यह फ़िल्मी संवाद है लेकिन कांग्रेस इसका पालन पूरी निष्ठा से करती है ||

सिंघवी और सचिन के दम पर हो रहा भारत निर्माण ,,,,,,,,,,,,,



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‎#UnfollowSachin पूरी दुनिया में ट्रेंड कर रहा है। इससे पता चलता है कि अगर कोई कांग्रेस से दूर से भी जुड़ता है तो उसका क्या हाल होता है। @RohanSingh_31 इसी बात को थोड़ा अलग अंदाज में कहते हैं कि भगवान का भी क्या हाल होता है, अगर वह कांग्रेस से जुड़ते हैं। @raja__saheb ने कहा, 'सचिन ने गर्मियों से पहले सेंचुरी क्यों बनाई...? ताकि वह इसे कोकोकोला को बेच सकें।' @getverma कहते हैं, भारत रत्न के लिए क्लोज़ डोर डील। कोई और नॉमिनेटेड कैंडिडेट सोनिया गांधी से नहीं मिला। क्यों सचिन? @pinkyp18 ने कहा, 'सचिन ने उन सॉफ्ट ड्रिंक्स कंपनियों से अपने कॉन्ट्रैक्ट खत्म नहीं किए, जो किसानों और गांववालों का पानी चुराती हैं।'




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बतौर सांसद सचिन अगर देश के मध्य विद्यालयों में दिए जा रहे मध्याह्न भोजन में खिचड़ी के साथ “बूस्ट’ को एक उर्जादायक पेय के रूप में शामिल करवा सकें तो ये उनकी एक महान उपलब्द्धि होगी देश के भविष्य के लिए..
क्योंकि सचिन कि नजर में “बूस्ट” एक शानदार उर्जादायक पेय है और उनकी उर्जा का स्रोत भी वही है जैसा कि वो कहते हैं “Boost is the secret of my energy” ..
और बतौर जिम्मेवार सांसद पेप्सी का विज्ञापन तो वो खुद ही बंद कर ही देंगे..
आपको क्या लगता है ?



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कई बार सांसदों-विधायकों को अपने पक्ष में लाने के लिए चोरी-छुपे खरीदा गया है..
अब एक सांसद ऐसा होगा, जिसे सरेआम बोली लगाकर खरीदी जायेगी..
बस इन्तजार करिये आईपीएल-5 का, जब “सांसद” सचिन तेंदुलकर बिकेंगे.. 
कोई माल्या, कोई अम्बानी, कोई सहाराश्री करोड़ो देकर उन्हें खरीदेगा..