पैसा कमाना आसान है पर खर्च करना मुश्किल है.
इस बात को ऐसे न लिया जाये कि ये गरीबों का मज़ाक है पर एक बात तो माननी पड़ेगी कि गरीब दो बजह से गरीब है एक वो खुद बजह से और एक दुसरे कि बजह से. अब ये बात भले ही अजीब लगे लेकिन पता जब हम अपने चारो ओर देखेंगे तो आपको ऐसा मिल जायेगा।
दूसरों कि बजह से गरीब वो हैं जो तेज़ तर्रार नहीं हैं, जुगाड़ू नहीं हैं उन्हें नहीं पता अपना काम कैसे निकला जाता है चाहे सिस्टम कैसा भी हो वो बस अपना काम करते रहते हैं.
खुद कि बजह से गरीब वो हैं जो कुछ काम करना नहीं चाहते। वो काम भी नहीं जिसमे पैसे नहीं लगते जैसे सुबह जल्दी उठना, वाक पे जाना, ,सफाई रखना, खूब पानी पीना, बीवी बच्चों को न पीटना, बीड़ी न पीना आदि।
अगर इंसान फ्री वाले काम नियम से करे और पैसे कमाने का प्रयास करता रहे तो कमा सकता है।
अब बात आती उनकी जो पैसा कमाने लगे हैं, जॉब लग गयी है, बिज़नेस चल गया है, तरक्की के रास्ते खुल गए हैं, मतलब वो लोग जिन्होंने वो शुरूआती सफ़र तय कर लिया है। जब इंसान यहाँ आ जाता है तब एक नयी मुश्किल शुरू होती हैं. यहाँ पर प्रश्न आता है कि पैसे को खर्च कैसे करें, बहुत बड़ा प्रश्न है ये कि पैसे खर्च कैसे करें?
जबाब मुश्किल है और ये मैटर इन्वेस्टमेंट का नहीं है। क्या सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करने में?
इस बात को ऐसे न लिया जाये कि ये गरीबों का मज़ाक है पर एक बात तो माननी पड़ेगी कि गरीब दो बजह से गरीब है एक वो खुद बजह से और एक दुसरे कि बजह से. अब ये बात भले ही अजीब लगे लेकिन पता जब हम अपने चारो ओर देखेंगे तो आपको ऐसा मिल जायेगा।
दूसरों कि बजह से गरीब वो हैं जो तेज़ तर्रार नहीं हैं, जुगाड़ू नहीं हैं उन्हें नहीं पता अपना काम कैसे निकला जाता है चाहे सिस्टम कैसा भी हो वो बस अपना काम करते रहते हैं.
खुद कि बजह से गरीब वो हैं जो कुछ काम करना नहीं चाहते। वो काम भी नहीं जिसमे पैसे नहीं लगते जैसे सुबह जल्दी उठना, वाक पे जाना, ,सफाई रखना, खूब पानी पीना, बीवी बच्चों को न पीटना, बीड़ी न पीना आदि।
अगर इंसान फ्री वाले काम नियम से करे और पैसे कमाने का प्रयास करता रहे तो कमा सकता है।
अब बात आती उनकी जो पैसा कमाने लगे हैं, जॉब लग गयी है, बिज़नेस चल गया है, तरक्की के रास्ते खुल गए हैं, मतलब वो लोग जिन्होंने वो शुरूआती सफ़र तय कर लिया है। जब इंसान यहाँ आ जाता है तब एक नयी मुश्किल शुरू होती हैं. यहाँ पर प्रश्न आता है कि पैसे को खर्च कैसे करें, बहुत बड़ा प्रश्न है ये कि पैसे खर्च कैसे करें?
जबाब मुश्किल है और ये मैटर इन्वेस्टमेंट का नहीं है। क्या सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करने में?